अपार संभावनाएं…बिलासपुर बनेगा एक्सपोर्ट हब….DGFT अधिकारियों ने बताया…संभव है विदेशों में इन उत्पादों का निर्यात

BHASKAR MISHRA
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बिलासपुर—-बिलासपुर जिले में निर्यात को बढ़ावा देने जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आलाधिकारियों समेत जिले के नामचीन उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया। साथ ही स्वयं सहायता समूह के लोगों ने भी भाग लिया । बाहर से पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में एक्सपोर्ट हब बनने की है पर्याप्त संभावना हैं। इस बात को लेकर अधिकारियों ने उद्योगपतियों समेत कार्यशाला में मौजूद सभी से संवाद भी किया है।

जिला प्रशासन और व्यापार,उद्योग संघ के संयुक्त प्रयास से बिलासपुर जिले में निर्यात को बढ़ावा देने और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर एक दिवनसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सीईओ जिला पंचायत अजय अग्रवाल, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र महाप्रबंधक एमएल कुसरे, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पदाधिकारी, इंडिया पोस्ट के अधिकारी, डीजीएफटी नागपुर के अधिकारी उपस्थित थे।

एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के विभिन्न व्यापारी, उद्योग स्वामी और स्वयं सहायता समुह के महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया । निर्यात संबंधी अपने अनुभवों को सभी ने साझा किया। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंची विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी की टीम ने निर्यात के टिप्स दिए। फायनेंस, आईईसी का पंजीकरण और डीजीएफटी स्कीम का लाभ को लेकर जानकारी साझा किया। टीम ने जिले को एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिया।

 डीजीएफटी के अधिकारियों ने बताया कि निर्यात को प्रोत्साहित करने को लेकर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। महाप्रबंधक एम एल कुसरे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मेक इन इंडिया और  वोकल फॉर लोकल के लक्ष्य को हासिल करने लगातार कार्यशाला का आयोजन हो रहा है।

कार्यशाला से जिले में एक्सपोर्ट इकोसिस्टम डेवलप करने में सहयोग मिलेगा। बिलासपुर में वर्तमान में ब्लैक डायमंड मोटर्स का उत्पाद ट्रेलर बॉडी और कृष्णा स्पेशलिटी कैमिकल का कैमिकल प्रत्यक्ष रूप से निर्यात में सम्मिलत है। जिले में ऐसे अन्य उद्योग भी है जिनमें निर्यात की अपार संभावनाएं हैं।  लेकिन जानकारी के अभाव में लोग निर्यात की प्रक्रिया से दूर है। जिले को निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए हमें अन्य उद्योगों और उत्पादों को चयनित कर निर्यातक बनाना होगा। इसके बाद ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बिलासपुर की उपस्थिति संभव है।

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