अब देशी शराब पर भी बिल देना जरूरी,MP बार्डर से आने वाली शराब पर रोक लगाने होगी कड़ी चौकसी

amar_agrawal_meeting_rprरायपुर।शराब और बीयर की बिक्री पर अब मदिरा दुकानों से रसीद (बिल) दी जाएगी। आबकारी अधिकारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि सभी ग्राहकों को अनिवार्य रूप से रसीद दी जाए। रसीद देना स्वैच्छिक नहीं अनिवार्य होगा, ग्राहक चाहे इसकी मांग करे अथवा नहीं। आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल ने मंगलवार को आबकारी विभाग के काम-काज की समीक्षा करते हुए यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मदिरा के वास्तविक कीमत से ज्यादा दर पर बिक्री सहित अन्य संभावित गड़बड़ियांें पर अंकुश लगाने में बिल प्रदान करने से मदद मिलेगी।आबकारी आयुक्त ए.के.अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और जिलों से आए सहायक आयुक्त बैठक में उपस्थित थे। विदेशी मदिरा की बिक्री पर इस महीने की पहली तारीख से रसीद देने का काम शुरू कर दिया गया है। बीयर में कल 8 तारीख से और देशी मदिरा में 20 नवम्बर से रसीद देने का काम शुरू कर दिया जाएगा। रसीद नहीं मिलने पर इसकी शिकायत आबकारी विभाग के टोल फ्री नम्बर पर की जा सकती है।
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                           आबकारी मंत्री ने आबकारी राजस्व सहित मदिरा दुकानों के संचालन और विभागीय काम-काज की जिलेवार जानकारी ली। उन्होंने पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मदिरा के अवैध तस्करी की सूचना को गंभीरता से लेते हुए इस पर लगाम लगाने के सख्त निर्देश दिए।

                            मंत्री ने कहा कि विशेषकर अनूपपुर और शहडोल जिलों से सरगुजा संभाग के जिलों में अवैध तरीके से मदिरा लाने की प्रारंभिक सूचना मिल रही है। उन्होंने दोनों राज्यों की सीमा पर चौकसी बढ़ाने और इस तरह की नाजायज गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने फ्लाईंग स्क्वायड को भी और अलर्ट होकर कार्रवाई करने को कहा है। श्री अग्रवाल ने बगैर परमिट के शराब बिक्री के मामलों  पर लाईसेंस निरस्तीकरण के निर्देश दिए।

                            राजधानी के ऐसे एक मामलें पर 10 दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी मदिरा दुकानों मे सीसीटीव्ही लगाए जा चुके है। इसका नियमित तौर से अवलोकन कर किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई किया जाए। यह उपकरण केवल शो-पीस बनकर ना रह जाए। बताया गया कि राज्य के छह जिलों में कैमरा में मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई की गई है। डिस्टलरियों की मानीटरिंग के लिए भी सीसीटीव्ही कैमरो का उपयोग किया जाए। आबकारी मंत्री ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए मदिरा दुकानों के व्यवस्थापन संबंधी तैयारियां अभी से शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

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