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Kiren Rijiju: कॉलेजियम सिस्टम पर फिर कानून मंत्री का तंज, बोले

Kiren Rijiju-कॉलेजियम सिस्टम (Collegium System) पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने तंज कसा है। उनका कहना है कि जजों को जनता के पास नहीं जाना होता। जबकि सरकार को हर पांच साल बाद पब्लिक के सामने जाना होता है। अगर लोग फैसलों को सही मानते हैं तो वो चुनाव में हरा भी देते हैं। जजों को ऐसी कसौटी से नहीं गुजरना होता। गौरतलब है कि कोलेजियम पर चल रही बहस के बीच लगातार कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) के बयान सामने आ रहे हैं।

कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने कहा कि हालांकि जनता न्यायाधीशों का चुनाव नहीं करती है, इसलिए वे न्यायाधीशों को बदल नहीं सकती जैसा कि वे सरकारों के मामले में कर सकती है। लेकिन जनता आपको (न्यायाधीशों) देख रही है। वे आपके फैसले पर, आपके काम करने के तरीके पर, आपके न्याय देने के तरीके पर पैनी नजर रखती है। जनता आंकलन करती है और राय भी बनती है।

उन्होने कहा कि सोशल मीडिया के युग में आप कुछ भी नहीं छिपा सकते हैं। कानून मंत्री ने कहा कि भारत के प्रधान न्यायाधीश ने सरकार से उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है जो न्यायाधीशों पर हमला कर रहे हैं या सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इस महीने की शुरुआत में कानून मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर न्यायाधीशों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए निर्णय लेने की प्रक्रिया में एक सरकारी नामित को शामिल करने का सुझाव दिया था।

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हालांकि कई विपक्षी दलों ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने न्यायपालिका को धमकाने और उसके बाद कब्जा करने का प्रयास किया है । सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के संबंध में प्रक्रिया ज्ञापन अभी भी अंतिम रूप से तक नहीं पहुंचा है। किरेन रिजिजू के पत्र ने “सुझाव दिया कि इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।

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