पेंशन बहाली पर 11 संगठनों का आभार महासम्मेलन 29 मार्च को,सरकार को अपनी एकता दिखाने की भी तैयारी…

Shri Mi
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रायपुर।कांग्रेस की सरकार बनने के चौथे साल के करीब यह पहला अवसर है, जब सरकार का बड़े स्तर पर सम्मान करने के लिए राज्य के सरकारी शिक्षक इकट्ठा होने वाले है। सर्व शिक्षक संवर्ग व पंचायत सचिव मंच के बैनर तले रायपुर के इनडोर स्टेडियम में 29 मार्च को 12 बजे यह आयोज़न होगा । पुरानी पेंशन बहाल किये जाने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार महासम्मेलन होने ज़ा रहा है। जिसमे 11 संगठन एक मत होकर इस आयोजन का संचालन करने वाले है। जिसके कई मायने निकलते हैं । क्योंकि सरकार के विरोध में खड़े होने के लिए संगठनों को हाथ से हाथ मिलाने की जरूरत पड़ती है। लेकिन जब आभार और सरकार के सम्मान की बात आती है तो सबकी राहें जुदा हो जाती है । हर कोई अपने संघ को संगठनों की भीड़ से अलग दिखाना चाहता है। 29 मार्च को भी कुछ ऐसा ही होने वाला था ….लेकिन ऐसा हुआ नहीं ।

शिक्षक नेता जितेंद्र शर्मा 29 मार्च के महासम्मेलन के बारे बताते है कि एकता में ही शक्ति है और इसी सिद्धांत को मूल मंत्र मानते हुए शालेय शिक्षक संघ ने टीचर एसोसिएशन की एकला चलो नीति का खुल कर विरोध किया था।क्योकि जब हमने NOPRUF की लड़ाई साथ लड़ी थी । और जब यह मिल गया तो, राहे जुदा क्यों हो गई। सिर्फ विरोध में हाथ मिलाने वाला सिद्धांत हर जगह सही नही होता है।श्री दुबे की लीडरशिप का परिणाम है कि आज 11 संगठन एक साथ मिलकर एक मंच पर इकट्ठा होने वाले है। और जिसे अकेला चलना है वह अकेले ही रह गए है।

जितेंद्र बताते है कि बीएड प्रशिक्षार्थी संघ से अब तक के सफर में वीरेंद्र दुबे ने बहुत ही उतार-चढ़ाव देखे है।अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा अपने शिक्षक साथियों के लिए ज्ञापन देते व आंदोलन करते बिता दिया। जेल गए, लाठियां खाई…. क्या कुछ नही सहा है। इस दौरान कई साथी जुड़े और कई साथी अलग भी हुए । लेकिन एक सोच नहीं बदली, वह थी एकता में ही शक्ति है। इसी कड़ी में हमारे पूर्व शिक्षक साथी संसदीय सचिव चंद्र देव राय के मार्गदर्शन में आज 11 शिक्षक संगठन को साथ मिलाने का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है।

जितेंद्र का कहना है कि वीरेन्द्र दुबे प्रदेश के ऐसे शिक्षक नेता है जो पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेश का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किए हैं।उनकी राष्ट्रीय स्तर पर उनकी एक अलग पहचान है। दिल्ली, उत्तरांचल, मध्य प्रदेश ,आंध्र प्रदेश तक NOPRUF के लिए संघर्ष किये है, वे दूरगामी सोच रखते है। वो इस जमीनी सच्चाई को समझ रहे है कि सरकार ने बहुत अहम फैसला लिया है। अभी OPS के नीति नियम नही आये है। इसलिये कर्मचारियों की ओर से भी सरकार को यह बताना जरूरी है कि आप हमारी एकता देखिये आप ने जो हमारे भविष्य के लिए अहम निर्णय लिया है। हम उसका कैसे दिल खोल कर स्वागत कर रहे है। आप भी हमारी भावनाओं को समझें ।

जितेंद्र शर्मा से हुई बातचीत के विषय मे शालेय शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र दुबे का कहना है कि संगठन से जुड़े व्यक्ति अपने संगठन के प्रमुख अच्छाइयों को बयां करता है । इस पुरानी पेंशन के आभार और महासम्मेलन का आर्किटेक्ट मैं खुद को नहीं मानता इसके लिए विधायक चंद्र देव राय का बहुत बड़ा योगदान रहा है और सबसे बड़ा योगदान सर्व शिक्षक संवर्ग व पंचायत सचिव मंच का बैनर ही है।जो किसी एक संगठन का नही है। मैने तो बस प्रयास किया है।

वीरेंद्र दुबे ने बताया कि अलग अलग विचारधारा वाले लोगों का एकजुट होना अपने आप में एक महत्वपूर्ण गठबंधन होता है। इसे धरातल पर लाना बहुत टेढ़ा काम होता है। जो हमने सब मिलकर कर दिखाया है । एकजुटत़ा का परिचय देने वाले हमारे अभिन्न साथी है। संयुक्त शिक्षक संघ, प्रदेश पंचायत सचिव संघ,वरिष्ठ व्याख्याता शिक्षक संघ, प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ सर्व कल्याण शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ विद्यालय कर्मचारी संघ, सर्व शिक्षक संघ प्रदेश शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ राज्य क्रांतिकारी शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षक संघ व्यख्याता शिक्षक संघ और शालेय शिक्षक संघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता है।

वीरेंद्र दुबे का कहना है कि शिक्षक समाज का सबसे सम्मानित व्यक्ति माना जाता है। जो समाज में हर जगह सम्मानित होता रहता है । यही सम्मान पाने वाला शिक्षक अब पुरानी पेंशन बहाल किये जाने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार और सम्मान करने वाला है । हमारे शिक्षक संवर्ग में ही कई विसंगतियां हैं । जो सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के संज्ञान में है । बहुत सी आकांक्षाओं के साथ हम संगठित होकर 29 मार्च का कार्यक्रम करने जा रहे हैं । जो शिक्षक संघ इस कार्यक्रम से दूरी बनाए हैं … उन सभी को इस कार्यक्रम में आमंत्रित करते हैं।

चलते चलते यह बात समझना होगा कि छत्तीसगढ़ के पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक शिक्षक संघों का महत्व हमेशा रहा है । क्योंकि इस संवर्ग की संख्या प्रदेश में सबसे अधिक है। यह वर्ग जितना असंतुष्ट रहा है, उतना ही संतुष्ट भी रहा है। गुरुजी सरकार से सम्मान चाहता है और सम्मान का रास्ता इनकी जायज मांगों की समय पर पूर्ति से ही पूरा होता है। पुरानी पेंशन बहाली शिक्षकों की एक बड़ी और जायज माँग थी। जो मुख्यमंत्री भूपेश बधेल ने पूरी कर दी है। बस नीति नियम के प्रकाशन की देर है जिससे ओपीएस के आने वालों को गुण दोष स्पस्ट रूप पता चल सके।

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