जिला शिक्षा विभाग ने फिर गढ़ा..लापरवाही की मिसाल..केन्द्ग की गलत जानकारी से परीक्षा से चूके कई छात्र..गर्दन बचाने अब थोप रहे दूसरे पर दोष

बिलासपुर—प्रदेश स्तर पर यदि लापरवाही पुर्ण कार्य करने का कोई पुरुस्कार घोषित किया जाता तो..पुरुस्कार का पहला हकदार  जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिलासपुर को मिलना निश्चित है। क्योंकि उटपटाग काम काज को लेकर सुर्खियों में बने रहना बिलासपुर जिला शिक्षा कार्यालय की आदतों में शुमार है। क्योंकि एक बार फिर जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही सुर्खियों में है। इस बार किसी बच्चे की जिन्दगी के साथ विभाग ने ऐसा भद्दा मजाक किया है। जिसे लोग तो भूल जाएंगे  लेकिन मजाक बना बच्चा कभी नहीं भूलेगा। 
 
          एक बार फिर जिला शिक्षा विभाग सुर्खियों में है। इस बार जिला कार्यालय की लापरवाही का खामियाजा एक मासूम पर भारी पड़ गया है। जानकारी देते चलें कि एक दिन पहले यानि रविवार को प्रदेश स्तर पर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने संयुक्त भर्ती परीक्षा और वन रक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया। परीक्षा के लिए बिलासपुर में भी केन्द्र बनाया गया।
 
फिर सामने आयी जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही
 
          व्यापम ने जिले में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग को दिया। व्यापम ने जिला शिक्षा विभाग से परम्परानुसार विद्यालयों का नाम , पता मंगवाया।  लापरवाही में महारत जिला शिक्षा विभाग ने सूची व्यापम को भेजने में देर नहीं किया। इसके बाद व्यापम ने भी प्रदेश के अन्य जिलों की तरह बिलासपुर जिले के केन्द्रों के नाम और समय का एलान भी किया। इसी क्रम ें रविवार को व्यापम ने संयुक्त भर्ती परीक्षा और वन रक्षक भर्ती परीक्षा देने बिलासपुर जिले के कई केन्द्रों में बच्चे परीक्षा देने पहुंचे।
 
परीक्षा केन्द्र का गलत पता
 
             व्यापम ने जिले में एक केंद्र शासकीय कन्या उच्यतर माध्यमिक विद्यालय सरकंडा को भी बनाया था । जानकारी देते चलें कि यह विद्यालय नूतन चौक सीपत रोड में स्थित है। जिन अभ्यर्थियों को केंद्र परीक्षा के लिए आवंटित किया गया था..उनके प्रवेश पत्र में विद्यालय का पता मुक्ति धाम चौक बिलासपुर लिखा पाया गया।
 
इधर उधर दौड़ते रहे अभ्यर्थी..कई लोग परीक्षा से वंचित
 
           जाहिर सी बात है अभ्यर्थी प्रवेश पत्र के साथ मुक्ति धाम चौक स्थित शासकीय बालक उच्यतर माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केन्द्र पहुंचे। लेकिन गलत पता और रोल नम्बर नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों को केन्द्र में नहीं घुसने दिया गया। जब अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र की गलती की जानकारी मिली तो आनन फानन में नूतन चौक स्थित विद्यालय पहुंचे..कुछ को समय पर पहुंचने के कारण प्रवेश दिया गया। तो कुछ को परीक्षा हाल में प्रवेश नहीं दिया गया। इस दौरान सबसे ज्यादा परेशानी का सामना ग्रामीण इलाकों से पहुंचे अभ्यर्थियों और खासकर महिला अभ्यर्थियों को करना पड़़ा। 
 
               वही जिला शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते कई अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र ही नही पहुँच पाए। जिसके चलते दोनों पालियों में कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का मौका ही नही मिला।
 
                  गलत पते की वजह से परीक्षा केंद्र में सही समय पर नही पहुँचने वाले कई अभ्यर्थियों ने अपनी पीड़ा को जहिर किया। कई बच्चे तो फूट फूट कर रोते रहे। शासकीय कन्या उच्यतर माध्यमिक विद्यालय सरकंडा की केंद्राध्यक्ष ने भी नियमों का हवाला देकर निर्धारित समय में अभ्यर्थियों का प्रवेश निषेध कर दिया। जबकि इस दौरान अभ्यर्थी परीक्षा दिलाने की भीख मांगते रहे। 
जिला शिक्षा विभाग ने दिया पता
 
                मामले में व्यापम के अधिकारियों से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय का नाम और पता संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मंगवाया जाता है।  केंद्र क्रमांक 1324 शासकीय कन्या उच्यतर माध्यमिक विद्यालय सरकंडा बिलासपुर के संबंध में गलत पता दर्ज होने की जानकारी उन्हें अभ्यर्थियों से हुई है। बिलासपुर जिला शिक्षा विभाग से प्राप्त सूची में केन्द्र का वही पता पता दर्ज था… जिसे जिला शिक्षा विभाग ने उलब्ध कराया। वही पता प्रवेश पत्र में भी दर्ज है।
 
एक दूसरे पर थोप रहे दोष
 
                       बहरहाल जिला शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मामले में अब कुछ भी बोलने से बच रहे है।, कुछ तो जिम्मेदार लोग लापरवाही का ठीकरा दूसरे पर फोड़ते नजर आए। लेकिन सवाल यथावत है कि विभाग के आला अधिकारी गलतियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्यवाही करेंगे या नहीं। या फिर लापरवाही अधिकारी इसी तरह अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करते रहेंगे।

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