विष्णुदेव साय बोले-CM के इशारे पर सिंहदेव का हो रहा अपमान

रायपुर। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य मंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के इशारे पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव का अपमान हो रहा है। बेहतर होगा कि वे मंत्रिमंडल की सदस्यता का परित्याग कर अपना सम्मान बचायें। श्री सिंहदेव छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ और सम्माननीय नेता हैं। वे कांग्रेस घोषणा पत्र के सूत्रधार और मुख्यमंत्री पद के दावेदार रहे हैं। कांग्रेस की सरकार न तो उनके घोषणा पत्र पर अमल कर रही और न ही ढ़ाई साल बीतने पर उन्हें सत्ता का नेतृत्व प्राप्त हुआ। कांग्रेस की सरकार का नेतृत्व कौन करे, यह कांग्रेस का मामला है लेकिन जिस तरह कांग्रेस के सत्ता संघर्ष में जनता के हित प्रभावित हो रहे हैं, वह घोर आपत्तिजनक है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि सिंहदेव राज्य के पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री हैं।ये दोनों ही विभाग कांग्रेस की आंतरिक लड़ाई से प्रभावित हो रहे हैं। जिससे लोक महत्व के काम ठप हैं। पंचायत विभाग की दुर्गति कर दी गई है तो स्वास्थ्य सेवा भी चरमरा गई है। इस पर भी सिंहदेव को काम करने नहीं मिल रहा। सरकारी तंत्र कहता है कि मंत्रियों को दौरे के लिए उड़ान की व्यवस्था की गई है तो सिंहदेव कह रहे हैं कि मुझे इस तरह की कोई सूचना नही है, और जबकि मेरा दौरा शुरू हुआ था, तब प्रक्रिया के तहत चॉपर की बात हुई थी, लेकिन तब उपलब्धता न होने की सूचना दी गई थी। अब यदि सरकारी चॉपर की व्यवस्था हो गई हो, तो भी मेरे लिए क्या उपयाेग है, मैंने तो निजी चॉपर का पूरा भुगतान किया है।

मुझे या मेरे कार्यालय को आज के इस हैलीकॉप्टर उपलब्ध कराए जाने की न सूचना है न जानकारी है,और न ही इस दौरे में अब मेरे लिए उसका कोई उपयाेग है। इससे साफ जाहिर है कि अन्य मंत्रियों के मुकाबले सिंहदेव के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि सिंहदेव को बस्तर दौरे में दंतेवाड़ा और जगदलपुर के एसपी कलेक्टर ने सामान्य शिष्टाचार के लायक भी नहीं समझा तो स्पष्ट है कि ऊपर के इशारे पर ही सिंहदेव का अपमान किया गया है। ऐसा कोई पहली बार नहीं हुआ। इसके पहले भी विधानसभा सत्र के दौरान सिंहदेव का अपमान कराया गया था और आहत होकर वे अपनी ही सरकार के खिलाफ बहिर्गमन कर गए थे। श्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की अपमानजनक घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। दोनों जिलों के एसपी कलेक्टर के खिलाफ तकाल अनुशासनात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए। भूपेश बघेल से प्रशासन सम्हल नहीं रहा है। अफसर इतने बेकाबू हो गए हैं कि मंत्री के शिष्टाचार का पालन करना जरूरी नहीं समझते।

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