नशामुक्ति के लिए अमित ने दिए आठ सुझाव

Amit Jogi

पेंड्रा  ।पेंड्रा थाना क्षेत्र से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित बचरवार गांव सहित जिले में अन्य स्थानों पर नशीले पदार्थों के खुलेआम अवैध व्यवसाय एवं उपयोग की समस्या के विकराल रूप धारण करने के मामले से अब प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया गया है। मरवाही विधायक अमित जोगी ने मुख्यमंत्री को नशीले पदार्थों के काले कारोबार पर रोक लगाने और नशामुक्ति हेतु आठ आवष्यक सुझाव भी दिये हैं।
मरवाही विधायक अमित जोगी ने हाल ही में मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह को टिठ्ठी लिखर बताया  है कि प्रदेष में नशीले पदार्थों के अवैधानिक व्यवसाय एवं उपयोग की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। खुद मेरे गृह जिले बिलासपुर में बिल्हा विकासखंड के मटियारी गांव के शिकारीपारा, तखतपुर विकासखंड के दैजा, पेंड्रा विकासखंड के बचरवार में सुनियोजित तरीके से नशीले पदार्थे का आवर्जन भंडारण एवं वितरण खुलेआम किया जा रहा है । जहां उड़ीसा एवं बिहार से सड़क और रेलमार्गों से रोजाना ही जिले में सैकड़ों क्विंटल नशीले पदार्थ का प्रवेश हो रहा है। अमित जोगी ने अपने पत्र में कहा है कि आपको यह बताने की जरूरत नहीं है कि इस समस्या से बच्चे एवं युवा सर्वाधिक प्रभावित है। दवा दुकानों में बिना प्रिस्क्रिपशन के खांसी का सिरप, नाईट्रा टेबलेट एवं मार्फिन जैसे दिमाग पर सीधे असर करने वाली दवाईयां बेहद आसानी से खरीदी जा रही है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से   इस समस्या के कारणों को सुलझाने हेतु कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं और कोई कार्यवाही भी नहीं की जा रही है।
अमित जोगी ने इसके साथ ही प्रदेश सरकार को नशामुक्ति के लिए 8 बिंदुओं पर सुझाव देते हुये कहा है कि प्रदेश में एक भी नशा मुक्ति केन्द्र संचालित नहीं है । कई बार शासन का ध्यान आकृष्ट करने  के बावूद आज तक इस ओर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई  है। अतः सभी जिला चिकित्सालायों में नशा मुक्ति केन्द्र तीन महीने की समयावधि में प्रारंभ करें ।क्योकि इस साल के बजट में नशा मुक्ति केन्द्रों के व्यवस्थापन के लिये कोई भी प्रावधान नहीं रख गया है। इसलिये यह भी अनुरोध है कि आगामी मानसून सत्र में विधासनसभा में शासन की समुचित कार्यवाही कर नशा मुक्ति केंद्रो को चालू करने की विधायिकी स्वीकृति प्रदान किया जाना चाहिये। साथ ही प्रदेश एवं जिला स्तर पर अलग से नारकोटिक्स सेल का गठन करने के लिये तत्काल प्रशासनिक आदेश जारी किया जाना चाहिये। नारकोटिक्स सेल को नशीले पदार्थों के आवर्जन भंडारण वितरण एवं उपायोग को रोकने के लिये पूरी तरह से सशक्त किया जाना चाहिये तथा इसमें प्रतिभाशाली अनुभवी एवं जुझाारू पुलिसकर्मियों एवं विशेषज्ञों की नियुक्ति की जानी चाहिये ।क्योंकि प्रदेश में नशीले पदार्थों का प्रवेश रेलगाड़ी से भी हो रहा है । इसलिये नारकोटिक्स सेल को प्रदेश की सीमा क्षेत्र के अंतर्गत चल रही सभी रेलगाडि़यों में पतासाजी एवं तलाशी लेने का अधिकार भी दिये जाने की बात अमित जोगी की ओर से कही गयी है।

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