भाजपा मण्डल प्रशिक्षण कार्यक्रम की खुली पोल..2 दिनों तक कार्यकर्ताओं को तरसती रही कुर्सियां..नाराज नेताओं ने बताया..सफेदपोश ने किया मुश्किल

बिलासपुर—-भारतीय जनता पार्टी की दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ। दो दिनों तक चले कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में पांचों मण्डल के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को शामिल होना था। उद्घाटन कार्यक्रम को पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने संबोधित किया। उन्होने इस दौरान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जमकर रिचार्ज किया। लेकिन उनके हटते ही सम्मेलन में 25-50 कुर्सियों को छोड़कर बाकी कुर्सियां दो दिनों तक भरने का इंतजार करती रही।

                 दो दिनों तक कुन्दन पैलेस में चले भाजपा का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से प्लाफ शो साबित हुआ। इस दौरान खाली कुर्सियां पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का इंतजार करती रहीं। पहले दिन पूर्व मंत्री की मौजूदगी में भीड़ तो दिखाई दी। लेकिन उनके हटते ही कुर्सियां ऐसी खाली हुई कि दुबारा कोई बैठने नहीं आया। 

                       बताते चलें कि पिछले एक महीने से प्रदेश के साथ ही जिले में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के आदेश पर प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बिलासपुर में पांचों मण्डल में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। अन्तिम प्रशिक्षण शिविर का समेकित आयोजन कुण्दन पैलेस में किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने किया।

             कुन्दन पैलेस में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में दो दिनों तक अंगुली पर गिने लोग ही पहुंचे। ज्यादातर लोगों ने बताया कि कुछ स्वनाम धन्म बडे नेता की तानाशाही के कारण कार्यकर्ताओं और नेताओं ने शिविर से दूरी बनाकर रखा है।  नेतृत्व क्षमता नहीं होने के कारण सभी कार्यकर्ता ऐसे नेताओं से दूरी बनाकर रखना अच्छा समझ रहे है। क्योंकि नेता के खिलाफ कुछ बोलेंगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की तलवार चल जाएगी।

            शिविर से दूरी बनाकर रखने वाले भाजपा के युवा नेता ने बताया कि जिला स्तर पर पार्टी में ऐसा कोई नेता नहीं है जिसका सफेद पोश से अच्छे संबध हो। लोगों ने दूरियां बना ली है। जिसका असर संगठन पर साफ साफ दिखाई देने लगा है।

              युवा नेता ने बताया कि लोग अपनी इज्जत बचाने के लिए कार्यक्रम से दूरी बनाकर रखना बेहतर समझ रहे हैं।  .यही कारण है कि कुन्दन पैलेस में चले दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ज्यादातर लोगों ने उपस्थिति दिखाकर घर का रास्ता नाप लिया है। कोई भी कार्यकर्ता और पदाधिकारी  नहीं चाहता है कि राज्य अल्पसंख्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष की तरह उन्हें भी होना पड़े। क्योंकि ऐसा ही अपमान बेलतरा कार्यकर्ता का छत्तीसगढ़ भवन में देखने को मिला। जब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का पार्टी के लोग स्वागत कर रहे थे।

        प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर बाहर आए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस प्रकार की तानाशाही को कोई बर्दास्त करना चाहेगा। इसलिए लोग अब धीरे धीरे पार्टी से किनारा करने लगे है। जिसका सबसे बड़ा उदाहरण दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में पूरे समय खाली कुर्सियां है।

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