रेणु जोगी,शैलेश,संदीप और अटल ने दिया प्रजंटेशन…अशोक,शिवा ने भी रखा पक्ष…विजय ने कहा रिपोर्ट लिफाफे में बंद

बिलासपुर–कोटा और बिलासपुर विधानसभा टिकट दावेदारों को लेकर आज एक साथ दो जगहों पर रायशुमारी हुई। कोटा विधानसभा के लिए रेणु जोगी,शैलेश पाण्डेय, अरूण चौहान और संदीप शुक्ला ने कमेटी के सामने अपनी दावेदारी पेश की। इधर कांग्रेस भवन बिलासपुर में भी 49 दावेदारों ने अपन पक्ष में कमेटी के सामने टिकट का दावा पेश किया। दावेदारों को ध्यान सुना गया। कार्यक्रम के अंत में दावेदारों के नाम को फायनल कर लिफाफा बंद कर दिया गया। बिलासपुर में रायशुमारी के दौरान नेताओं में जमकर कहा सुनी भी हुई। लेकिन किसी नेता ने भी मामले को लेकर बाहर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

विलासपुर विधानसभा की दावेदारी और रायशुमारी

बिलासपुर विधानसभा के लिए कांग्रेस भवन में रायशुमारी हुई। 49 लोगों ने बारी बारी से अपना दावा पेश किया। समन्वयक मंजू सिंह ने दावेदारों की बात सनने के बाद बंद कमरे में कमेटियों से रायशुमारी की। कमेटी प्रभारियों ने एक-एक कर दावेदारों के पक्ष में जनता के बीच बनी छवि को पेश किया। इसके पहले अटल श्रीवास्तव,अशोक अग्रवाल,एसपी चतुर्वेदी,चन्द्रप्रकाश वाजपेयी,जसबीर गुम्बर,बद्री जासवाल,शिवा मिश्रा,समेत दर्जनों बड़े नेताओं ने कमेटी और समन्वयक के सामने अपना पक्ष रखा। अपनी उपलब्धियों को सीमित समय में शानदार तरीके से रखा।

                                         रायशुमारी के दौरान अन्दर और बाहर जमकर बहस भी हुई। लेकिन मामले को दबा दिया गया। विधानसभा समन्वयक मंजू सिंह ने बताया कि कमेटी के प्रभारियों ने अपना फैसला सुना दिया है। जल्द ही कमेटियों के फैसले को पीसीसी के सामने पेश किया जाएगा। मंजू सिंह ने नोंक झोंक की बात से इंकार किया। उन्होने कहा कि कांग्रेस आन्तरिक लोकतत्र बहुत मजबूत। यही कारण है कि पार्टी का जनाधार आज भी कायम है।

कोटा विधानसभा की रायशुमारी

                               कोटा विधानसभा के लिए टिकट दावेदारों ने गौरेला ब्लाक में कमेटी के सामने अपना पक्ष पेश किया। सभी दावेदारों ने बारी बारी से अपना गुण दोष बताया। शैलेश पाण्डेय कमेटी के सामने पेश हुए। उन्होने अपनी दावेदारी का आधार बताया। शिक्षाविद् शैलेश ने कहा कि कोटा ब्लाक के ना केवल भौगोलिक बल्कि शैक्षणिक गतिविधियों से एक दशक से अधिक समय से सतत सम्पर्क में है। कांग्रेस से उनका हमेशा नाता रहा है। शिक्षाविद् रहते हुए कोटा विधानसभा में सभी क्षेत्रों की गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। लोगों ने उन्हें प्यार भी दिया।

                    रेणु जागी ने कमेटी को बताया कि पिछले दस साल से अधिक समय से मुझे कोटा विधानसभा का नेतृत्व करने का अवसर मिला। इन सालों में कोटा के समग्र विकास को लेकर सतत काम की। आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए गंभीरता के साथ राज्यस्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक कोटा वासियों की आवाज को उठाया। स़ड़क बिजली पानी समेत अन्य लाभकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुचाने की कोशिश की। रेणु जोगी ने कहा कि कोटा विधानसभा से उनका गहरा लगाव है। इसी विधानसभा में मेरा ससुराल है और इसी क्षेत्र में मायका भी। जनता का उन्हें पहले भी समर्थन था आज भी है।

   संदीप शुक्ला ने कहा कि पूर्व ब्लाक अध्यक्ष होने के कारण मुझे संगठन की रीति नीति का अच्छी तरह से समझ है। जनता के बीच उनके हितों को लेकर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया। स्थानीय होने के कारण जनता में उनकी गहरी पैठ है। जनता की समस्याओं को 365 दिन तक शासन प्रशासन के सामने उठाया। संगठन के निर्देश पर कई आंदोलन किए। आदिवासी समाज की आवाज को बुलंदियों के साथ उठाय़ा। जनता ने जब याद किया अपने आपको उनके हवाले कर दिया। अरूण चौहान ने भी अपनी बातों को कमेटी के सामने शिद्दत के साथ पेश किया।

                                                    इसके अलावा अन्य दावेदारों को भी सुना गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी और विधानसभा समन्यवक सुनील शुक्ला ने बताया कि दावेदारों का पक्ष सुना गया। कमेटियों की रायशुमारी के बाद दावेदार का नाम उभर के सामने आया है। कमटियों के निर्णय को पीसीसी को भेजा जाएगा।

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