वार्ड क्रमांक 5–मुद्दा पानी और पट्टा.. गायत्री और अन्नपूर्णा में मुकाबला.. स्लम बस्ती करेगा निर्णय

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बिलासपुर— तिफरा नगर पालिका का अभिन्न हिस्सा रह चुके वार्ड क्रमांक 5 का नाम परिसीमन के बाद डॉ.खूब चन्द बघेल नगर कहा जाता है। आबादी के हिसाब से वार्ड साहू बाहुल्य है। लेकिन निर्णय स्लम बस्ती के मतदाता करेंगे। यहां दो दिग्गज के पत्नियों के बीच मुकाबला है। गायत्री साहू कांग्रेस के युवा नेता लक्ष्मीनाथ साहू की पत्नी है। जबकि अन्नपूर्णा यादव तिफरा नगर पालिका के उपाध्यक्ष रह चुके राजकुमार यादव की जीवन साथी है। वार्ड में साहू और सतनामी समाज की मतदाता संख्या अधिक है। यादव समाज की कुल संख्या पांच सौ के आस पास है।   

मुकाबला गायत्री और अन्नपूर्णा के बीच

वार्ड क्रमांक 5 यानि डॉ.खूबचन्द बघेल नगर। निगम विस्तार से पहले डॉ.खूबचन्द बघेल नगर तिफरा नगर पालिका का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करता था। परिसीमन के बाद वार्ड सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुआ। यहां गायत्री साहू और अन्नपूर्णा यादव के बीच सीधा मुकाबला है। गायत्री साहू के पति लक्ष्मीनाथ साहू कांग्रेस के बड़े युवा चेहरा है। संगठन में पदाधिकारी भी है। पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं। क्षेत्र में उनकी सक्रियता लगातार है। साहू समाज ही नहीं बल्कि अन्य समाज में अच्छी पकड़ है। खासकर महिला जगत में लक्ष्मीनाथ साहू की अच्छी पकड़ होने का फायदा गायत्री साहू को मिलते दिख रहा है।

                                 प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद तिफरा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक में सर्वाधिक पट्टा बनाया गया है। आधा से अधिक पट्टा बांट भी दिया गया है। आचार संहिता के बाद बाकी पट्टों का वितरण किया जाएगा। चूंकि यहां बहुत बड़ा मतदाता वर्ग स्लम क्षेत्र से है। जाहिर सी बात है यहां के लोगों को अपने पट्टा का इंतजार है।यहां के लोगों को उम्मीद है कि चुनाव खत्म होते ही पट्टा मिलेगा। इसका फायदा फिलहाल गायत्री को मिलते दिख रहा है। हां अन्नुपूर्णा यादव को इस बात को लेकर बहुत मेहनत करना पड़ा रहा है।

                  भाजपा प्रत्याशी अन्नपूर्णा यादव के पति राजकुमार यादव तिफरा नगर पालिका के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वोटरों का मानना है कि भाजपा ने निगम में शामिल होने का विरोध किया था। जबकि हम लोग पानी की समस्या से सर्वाधिक पीड़ित है। बावजूद इसके पालिका रहते हुए पानी की समस्या को ठीक से हल नहीं किया गया। दशकों से सरकारी जमीन पर रह रहे है। पट्टा भी नहीं दिया गया। अब जबकि पट्टा मिलना शुरू हो गया है। जाहिर सी बात है कि मत डालते समय इन सब बातों को ध्यान रखा जाएगा।

वार्ड क्रमांक 5 की समस्या

            वार्ड क्रमाक का बहुत बड़ा मतदाता वर्ग स्लम बस्ती में निवास करता है। यद्यपि समूचे तिफरा क्षेत्र में पानी की समस्या है। लेकिन खूबचन्द बघेल नगर के मतदाताओं को पानी और पट्टा ही सबसे बड़ी समस्या है। अनियमित बसाहट के बीच मतदाताओं को लगता है कि सरकार पट्टा दे रही है। अब उनका पक्का मकान होगा। सपनो का घर होगा। पानी समस्या का निराकरण भी होगा। हां तिफरा नगर पालिका ने समस्या की तरफ ठीक से ध्यान नहीं दिया।

वार्ड क्रमांक 5 के क्षेत्र

                वार्ड क्रमांक 5 का गठन प्रमुख रूप से यादवनगर, भगत सिंह आजाद नगर, आर्या कालोनी, बाबजी नगर, महाराणा प्रताप नगर गौर कालोनी क्षेत्र को मिलाकर किया गया है। इसके अलावा अन्य छोटे बड़े क्षेत्रों को शामिल किया गया है

पोलिंग बूथ और मतदाता संख्या

                   खूबचन्द बघेल नगर में कुल मतदाताओं की संख्या 6474 है। स्लम क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या करीब 5 हजार है। यहां पोलिंग बूथ की कुल संख्या सात है।

 

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