संविलियन की मांग से सरकार का किनारा….बेनतीजे पर खत्म हुई बैठक…शिक्षाकर्मियों ने किया एलान-ए-जंग

BHASKAR MISHRA
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IMG-20171119-WA0024 बिलासपुर– दिन भर की कवायद के बाद शिक्षाकर्मियों की सरकार से अलग-अलग मंच पर वार्ता बनतीजे पर खत्म हुई। मुख्यमंत्री और फिर सांसद अभिषेक सिंह से मुलाकात के बाद शिक्षाकर्मियों ने 20 नवम्बर को अनिश्चितकाली हड़ताल पर जाने का एलान किया है। तीन मोर्चो पर हुई वार्ता की गाड़ी संविलियन पर आकर अटक गयी। शिक्षाकर्मियों ने संविलियन से नीचे कुछ भी मानने से इंकार दिया।

                                         अन्ततःशिक्षाकर्मियों और सरकार के बीच दूसरे दौर की वार्ता तीन चरणों की अलग अलग बैठक के बाद बेनतीजा साबित हुई है। वार्ता के पहले चरण में सचिव स्तरीय बैठक हुई। बैठक में एम.के.राउत,विकासशील,तारण प्रकाश सिन्हा के अलावा मंंत्रालय के कर्मचारी और महागठबंधन के नेता मौजूद थे। शिक्षाकर्मियों ने 9 सूत्रीय मांग को पेश किया। सचिव स्तर पर संविलियन को मानने से इंकार कर दिया गया। वित्तीय मांगो को मानते हुए सचिवों न सातवां वेतन देने का वादा किया। सचिव स्तर के वार्ता में क्रमोन्नति,ग्रेच्यूटी,वेतन विसंगति को भी सचिवों ने माना।

                           सचिव स्तर की बैठक में संविलियन पर एकमत नहीं होने के बाद शाम साढ़े सात बजे राउत के साथ महागठबंधन के नेता सीएम कार्यालय डॉ.रमन सिंंह से मिलने गए। बैठक में एम.के.राउत,विकासशील,तारन प्रकाश सिन्हा और उप संचालक पंचायत बीएन मिश्रा ने भी हिस्सा लिया। शिक्षाकर्मी महासंघ की तरफ से संजय शर्मा,विरेन्द्र दु्बे,केदार जैन,चन्द्रदेव राय, विकास राजपूत,धर्मेश शर्मा,चन्द्रशेखर तिवारी,विष्णु शर्मा ने 9 सूत्रीय मांगों को सीएम के सामने पेश किया। लेकिन यहां भी मामला संविलियन पर आकर लटक गया।

                               सचिव स्तर की बातों पर पर सीएम ने सहमति जताते हुए कहा कि 1998 के शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाएगा। लेकिन महागठबंधन के नेता सभी शिक्षाकर्मियों की संविलियन पर अडिग रहे। सीएम से वार्ता विफल होने के बाद शिक्षाकर्मी संघ की नेताओं की मुलाकात सांसद अभिषेक सिंह से हुई। यहां भी बात नहीं बनने पर शिक्षाकर्मियों ने 20 नवम्बर को पूर्व निर्धारित अनिश्चित कालीन हड़ताल का एलान कर दिया । हडताल का एलान महागठबंधन के संचालकों में से एक विरेन्द्र दुबे ने की है।

सीएम न कहा बनेगी कमेटी

            शिक्षाकर्मियों से वार्ता के दौरान सीएम ने एलान किया कि वेतन विसंगति के सभी वित्तीय मामलों के निराकरण के लिए कमेटी की गठन होगी। मुख्य सचिव कमेटी के अध्यक्ष होंगे। तीन महीने के भीतर कमेटी रिपोर्ट देगी। सीएम ने कहा कि शिक्षकों को सातवें वेतनमान के लिए सहानुभूति से विचार किया जाएगा। सीएम ने शिक्षाकर्मियों को समझाया कि जनहित में हडताल को टाल देना चाहिए। हड़ताल में जाने से बच्चों की पढ़ाई को नुकसान होगा। लेकिन शिक्षाकर्मियों ने सीएम के निवेदन को इस्वीकार करते हुए हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया।

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