VIDEO:ओला – बारिश के बीच डटे रहे किसान ..जमकर की नारेबाजी..पुलिस ने गिरफ्तार कर शहर के बाहर छोड़ा

बिलासपुर— भारतीय किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने जमकर नारेबाजी की। आंधी तूफान और ओला बारिश का भी सामना किया। ओलावृष्टि के बाद भी किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का गेट नहीं छोड़ा। अन्त में पुलिस ने सभी किसानों को गिरफ्तार कर कोनी थाना के हवाले कर दिया। करीब एक घंटे बाद पुलिस ने सभी को समझाईश देकर छोड़ दिया। किसानों की अगुवाई धीरेन्द्र दुबे और जिला पंचायत सदस्य चांदनी भारद्वाज ने की। 

                भारतीय किसान मोर्चा बिलासपुर के अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे और जिला पंचायत सदस्य चांदनी भारद्वाज की अगुवाई में किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। करीब घंटों तक नारेबाजी के बाद दर्जनों किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान चांदनी भारद्वाज और धीरेन्द्र दुबे समेत सभी किसानों ने आंधी तूफान और ओला वृष्टि का सामना किया। समझाने के बाद भी कोई किसान सड़क से नहीं उठा। सिर और पीठ पर ही बर्फवारी का सामना किया। अन्त में पुलिस ने पानी से तरबतर किसानों और उनके नेताओं को गिरफ्तार कर कोनी थाना छोड़ दिया। जहां एक घंटे बाद समझाइश देकर सबको छोड़ा दिया गया।

              धान खरीदी में धांधली को लेकर चांदनी और धीरेन्द्र ने सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया। दोनों नेताओं ने बताया कि सरकार ने वादा किया था कि जिन किसानों टोकन कट चुका है उनका धान खरीदा जाएगा। आज धान खरीदने की अन्तिम तारीख है। लेकिन सोसायटी ने धान खरीदने से इंकार कर दिया है। नेताओंं के साथ किसानों ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि यहां बैठे कमोबेश सभी किसानों का टोकन जनवरी और फरवरी में काटा गया है। बावजूद इसके सोसायटी ने धान खरीदने से इंकार कर दिया है। 

                    धीरेन्द्र दुबे ने बताया कि अकेले मस्तूरी विकास खण्ड के ओखर समिति में 269 किसानों का 9 हजार क्विंटल से अधिक धान 22  हजार से अधिक बोरियों में तौल के लिए रखा गया है। लेकिन सोसायटी के कर्मचारियों ने किसानों के धान को तौतने से इंकार कर दिया है।  धीरेन्द्र ने बताया कि किसानों नेप्रशासन को 17 मार्च को ज्ञापन देकर बताया भी था कि टोकन कटने के बाद भी सोसायटी कर्मचारियों ने धान तौलने से इंकार कर दिया है। बावजूद इसके प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। ऐसी सूरत में किसानों के सामने आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है।

                    प्रदर्शन के दौरान किसानों और किसान नेताओं को प्रशासन ने बहुत समझाने का प्रयास किया। लेकिन कोई किसान धरना स्थल से टस से मस नहीं हुआ। एक समय ऐसा लगा कि बारिश को देखते हुए किसान धरना स्थल से नदारद हो जाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। आंधी तूफान ही नहीं बल्कि बारिश के साथ ओला का भी सामना पीठ और सिर पर लेकर किया। बारिश के बाद सभी किसानों को एडिश्नल एसपी ओमप्रकाश शर्मा, सिविल लाइन थानेदार परिवेश तिवारी, सिटी कोतवाली थानेदार मोहम्मद कलीम और डीएसपी आरएन यादव ने समझाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बनते देख सभी को गिरफ्तार कर डग्गा से कोनी थाना छोड़ा गया। पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी के करीब एक घन्टे बाद सभी को समझाइश देकर छोड़ भी दिया.

 

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