कोई लक्ष्य साहस  एवं उद्यम से बड़ा नहीं-प्रो.अंजिला

enterprenuership_gguबिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अंजिला गुप्ता ने उद्यमिता जागरुकता कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कोई लक्ष्य साहस एवं उद्यम से बड़ा नहीं होता और हारा वही है, जिसने संघर्ष किया नहीं। प्रौद्योगिकी संस्थान के इंडस्ट्रीयल एवं प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग एवं सिटकॉन के तत्वाधान में उद्यमिता जागरुकता विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ पर उन्होंने छात्र-छात्राओँ के मनोबल को मजबूत करते हुए कार्यशाला की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।। यह कार्यशाला National Science and Technology Entrepreneurship Development Board, Department of Science and Technology, Govt. Of India, New Delhi द्वारा प्रायोजित एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बिलासपुर के सहयोग से आयोजित हो रही है।

                                              विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी संस्थान के ई-क्लास रूम में दोपहर बारह बजे से आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति महोदया ने कहा कि दुनियाभर में विकास दर के क्षेत्र में भारत अग्रणी होने के साथ अपार संभावनाओं का देश है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विकरण के दौर में भारत पूरी दुनिया के विषय विशेषज्ञों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

                                                उद्यमिता जागरुकता को वर्तमान समय की महती आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि तकनीकी से जुड़े हर छात्र के लिए उद्यमिता और साहस परम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार स्टैंड अप इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया के जरिया युवाओं को अपनी उद्यमिता, योग्यता, कौशल एवं साहस दिखाने का अवसर प्रदान कर रही है जिसका हर टैक्नोक्रेट को लाभ लेना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में छात्र-छात्राओँ को जागरुक करने के लिए विभिन्न अध्ययनशालाओं में ऐसी कार्यशालाओँ का आयोजन होगा।

                                                   विश्वविद्यालय के कुलसचिव (कार्यवाहक) प्रोफेसर बी.एन.तिवारी ने कहा कि ग्लोबालाइजेशन के दौर में रोजगार बड़ी समस्या है ऐसे में उद्यमिता जागरुकता युवाओं को व्यवसाय करने हेतु प्रेरित करने का बेहतर साधन है। उन्होंने कहा कि रोजगार पाना मुश्किल है लेकिन लोगों को रोजगार देना आसान हैं। उन्होंने कार्यशाला की सफलता के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।

                                                    कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर आर.के. स्वर्णकार, सीनियर मैनेजर, सिटकॉन ने कहा कि सरकार चाहती है कि कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में उद्यमिता जागरुकता फैलाई जाये ताकि छात्र अपनी पढ़ाई के साथ रोजगार एवं राष्ट्र निर्माण में सहयोग के विषय में गंभीरता से विचार कर सकें। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को ऐसी कार्यशाला का लाभ लेते हुए रोजगार तलाशने के स्थान पर रोजगारदाता बनना चाहिए।

                                                 लीड बैंक ऑफिस, बिलासपुर के कॉउंसलर, रमेश कुमार सन्नाला ने कहा कि सफलता के लिए उद्यमिता के साथ वित्तीय कौशल का होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उद्यम हेतु कौन से ऋण लेना उचित होगा, निवेश के किन साधनों का उपयोग किया जाना चाहिए साथ ही हमारे निवेश पर मिलना वाले रिटर्न भी उद्यमिता के लिए जरूरी बिंदु हैं। उन्होंने फंड मैनेज करने से जुड़ी जानकारियों को छात्रों के साथ साझा किया

                                               विश्वविद्यालय के प्रौद्योगिकी संस्थान के ई-क्लास रूम में आयोजित हो रही इस कार्यशाला में इंडस्ट्रीयल एवं प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग के पंचम एवं सप्तम सेमेस्टर बी.टेक के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हो रहे हैं। कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा उद्यमशीलता के विषय पर छात्रों को जानकारी मुहैया कराई जाएगी। तीन दिनों की कार्यशाला के दौरान छात्रों को नये लघु उद्योगों की स्थापना करने में आवश्यक जानकारियों के साथ-साथ अंतिम दिन औद्योगिक भ्रमण पर ले जाया जाएगा। इस दिन प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट का भी वितरण किया जाएगा।

                                       कार्यक्रम के अंत में सिटकॉन की ओर से कार्यक्रम समन्वयक प्रतिभा गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापन किया। शुभारंभ कार्यक्रम का संचालन प्रौद्योगिकी संस्थान के गणेश शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विभिन्न अध्ययनशालाओँ के अधिष्ठातागण, विभ्गाध्यक्षगण, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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