हादसों को रोकने सड़कें ठीक करेगी सरकारः डिजाइन में गल्ती हई तो इंजीनियर जिम्मेदार

accident cgरायपुर।   लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रांतीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर हादसों की रोकथाम और सुगम तथा सुरक्षित यातायात के लिए हर संभव उपाय किए जाएंगे और इसके लिए विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जाएगा।
श्री मूणत ने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम गृह के सभा कक्ष में ‘सड़क सुरक्षा अंकेक्षण’ हेतु अभियंताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आव्हान ‘संकल्प से सिद्धि ’ न्यू इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में वर्ष 2020 तक सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम 50 प्रतिशत कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यशाला का आयोजन लोक निर्माण विभाग द्वारा केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली के सहयोग से किया गया। श्री मूणत ने कार्यशाला में अधिकारियों से कहा कि अभियान चलाकर इन सड़कों पर संभावित दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों को चिन्हांकित किया जाए और उनमें आवश्यक सुधार करते हुए उन्हें सुरक्षित बनाया जाए। श्री मूणत ने कहा कि सड़कों पर जहां जरूरी है, वहां पैदल यात्रियों के लिए जेबरा क्रासिंग बनाई जाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के जो भी कार्य प्रदेश में चल रहे हैं, उनमें सड़क सुरक्षा के उपायों को सुनिश्चित किया जाए। सड़कों के जब प्राक्कलन तैयार किए जाते हैं तब भी सड़क सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी प्रावधान सुनिश्चित किए जाने चाहिए। श्री मूणत ने कहा  कि अगर  सड़कों के प्राक्कलन या डिजाइन में कोई गलती होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित इंजीनियर की होगी।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में लोक निर्माण विभाग के सचिव  सुबोध कुमार सिंह, गृह एवं परिवहन विभाग के सचिव  अरूणदेव गौतम, परिवहन आयुक्त  ओ.पी. पाल, लोक निर्माण विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अनिल राय, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता  बी.के. प्रधान, केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. वेलमुरगन, डॉ. नीलम जे. गुप्ता,  सुभाषचंद, डॉ. के. रविन्द्र और  एम.के. मीणा सहित लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के इंजीनियर उपस्थित थे।
लोक निर्माण विभाग के सचिव  सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम हम सबके लिए एक बड़ी चुनौती है। हर साल  सड़क हादसों में काफी संख्या में मौतें  होती हैं। यह चिंता का विषय है। हादसों को रोकने के लिए चल रहे प्रयासों के तहत बेहतर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगभग 29 हजार करोड़ रूपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्री सिंह ने इंजीनियरों से सड़कों की प्लानिंग, डिजाइन, निर्माण और सड़कों के रख-रखाव के साथ सड़क सुरक्षा के उपायों का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सड़कों पर ऐसे स्थान जहां ज्यादा दुर्घटनाएं होती है, उनका केन्द्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान के माध्यम से आडिट कराया जाए और उनके सुझावों पर अगले दो साल में अमल कर सड़कों को परिवहन दृष्टि से और अधिक सुरक्षित बनाने के उपाए किए जाए।

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