Chhattisgarh-ड्यूटी से गायब शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई, डाक्टरों को शोकॉज नोटिस

नोटिस जारी,chhattisgarh,गैरहाज़िर ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक,मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी कोण्डागांव,kondagaon,chhattisgarh news,hindi newsकवर्धा।कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने सोमवार को समय-सीमा की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिम जाति विकास विभाग एवं क्रेडा विभाग के काम-काज की जानकारी लेते हुए कड़ी नाराजगी जताई। कलेक्टर ने बोड़ला विकासखण्ड में तरेगांव जंगल में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय के मरम्मत कार्य की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने के निर्देेश दिए। इस टीम में बोडला अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, लोक निर्माण विभाग कार्यपालन अभियंता और एक अन्य तकनीकी अधिकारी को शामिल किया जाएगा।सीजीवालडॉटकॉम के WhatsApp ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक करे

कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के कार्यों की जानकारी लेते हुए लम्बे समय स्कूलों से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं पर कड़ी कार्रवाही करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों ने शनिवार को स्कुलों की औचक निरीक्षण किया था। इस औचक निरीक्षण में दस शिक्षक अनुपस्थित मिले थे। इसके अलावा कई स्कूलों में लम्बे समय से शिक्षक-शिक्षिकाओं की अनुपस्थित रहने की जानकारी मिली हैं।

विभागीय रिपोर्ट की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को ऐसे शिक्षक और शिक्षिकाओं पर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्राथमिक स्वास्थ्य के्रन्द्रो के औचक निरीक्षण में अनुपस्थित मिले चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होनेे जिले में संचालित कस्तुरबा आवासीय विद्यालय और राजीव गांधी शिक्षा मिशन द्वारा संचालित छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों का नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में अनुपस्थित रहने वाले क्रेडा अधिकारी को शो-कॉज नोटिस जारी करने तथा उनका एक दिन का वेतन भी काटने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि जर्जर हो चुके एकलव्य आवासीय विद्यालय का छत, बिजली, दरवाजा एवं खिलड़ियों का मरम्मत कार्य कराया गया था। इस मरम्मत कार्य का जांच एवं कार्य मुल्यांकन करने के लिए राज्य स्तर से विभागीय अधिकारियों की टीम आई थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट में मरम्मत कार्य पर गुणवत्तापूर्ण नहीं होने की जानकारी दी।

कलेक्टर ने विभागीय पत्र को गंभीरता से लेते हुए भवन के मरम्मत कार्य की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित आश्रम-छात्रावासों में अधीक्षकों को जिसके पास एक से अधिक प्रभार है, ऐसे अधीक्षकों को प्रभार से मुक्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होने सभी अधीक्षकों को अनिवार्य रूप से मुख्यालयों में निवास रहने के निर्देश दिए।

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