बिजली की मांग में 20 प्रतिशत इजाफा..पावर कम्पनी अध्यक्ष ने बताया….छत्तीसगढ़ में बिजली की कोई कमी नहीं

बिलासपुर/रायपुर—केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के प्रतिवेदन में छत्तीसगढ़ विद्युत उपलब्धता के मामले में अग्रणी राज्य है। छत्तीसगढ़ में बिजली की मांग साल दर साल बढ़ रही है। मांग की तुलना में बिजली की उपलब्धता औसतन अधिकतम ही है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण नई दिल्ली के रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ विद्युत उपलब्धता के मामले में अग्रणी राज्य है। प्रदेस में 99.98 प्रतिशत बिजली उपलब्ध रही है। यह बातें पाॅवर कंपनी के अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2018 में बिजली की मांग 3800 मेगावाॅट थी। एक साल के अन्दर अप्रैल 2019 में 4500 मेगावाॅट पहुंच चुकी है। बिजली की मांग में पिछले एक साल के भीतर 20 प्रतिषत की वृद्धि हुई है।
                        छत्तीसग़ढ़ स्टेट पॉवर होल्डिंग कम्पनी के अतिरिक्त जनरल मैनेजर विजय मिश्रा के हवाले से मिली खबर के अनुसार शैलेन्द्र शुक्ला ने जानकारी दी कि भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन कार्यरत केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण नई दिल्ली ने देश के सभी राज्यों की विद्युत आवश्यकता और  आपूर्ति का प्रतिवेदन तैयार किया। रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक 26130 मिलीयन यूनिट की आवश्यकता है। इसके विपरीत 26076 मिलीयन यूनिट की उपलब्धता बताई गयी है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक छत्तीसगढ़ में बिजली की कोई कमी नहीं है।
                        विजय के अनुसार शुक्ला ने बताया कि देश के सभी राज्यों को विद्युत प्रणाली के आधार पर पूर्वी पश्चिमी उत्तरी दक्षिण और उत्तर -पूर्वी क्षेत्र में विभाजित किया गया है। पाॅच क्षेत्रों में से पश्चिम क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य शामिल है। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि देष भर के इन 05 विद्युत क्षेत्रों में पश्चिम क्षेत्र बिजली की उपलब्धता की दृष्टि से अग्रणी है। पूर्वी क्षेत्र में 0.7 प्रतिशत, उत्तरी क्षेत्रों में 1.4 प्रतिशत, दक्षिण क्षेत्र में 0.1 प्रतिशत और उत्तर -पूर्वी क्षेत्र में 2.8 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

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