मेरी नज़र में… Archive

बादल सरोज की कलम से- ध्रुवीकरण, विभाजन और उन्माद ही भाजपा के अंतिम अस्त्र

उर्दू के शायर सदा नेवतनवी साहब का शेर है कि : “अब है तूफ़ान मुक़ाबिल तो ख़ुदा याद आया हो गया दूर जो साहिल तो खुदा याद आया !!” 🔴 इन दिनों यह शेर पूरी तरह यदि किसी पर लागू होता है, तो वे हैं नरेंद्र मोदी के बाद भाजपा में – गिनती जहाँ पूरी

छत्तीसगढ़ के उस गाँव में एक-एक घर तक पहुंचा दिवाली का नायाब तोहफ़ा.. बिटिया बनी डिप्टी कलेक्टर तो झूम उठा पूरा गाँव..

यह तस्वीर छत्तीसगढ़ में  जांजगीर – चांपा जिले के छोटे से गांव धुरकोट की है । यहां के सरकारी हाई स्कूल के सामने गाजे- बाजे के साथ यह जश्न मनाया जा रहा है । क्योंकि इसी स्कूल में पढ़ी- लिखी पिंकी मनहर  सीजीपीएससी में बेस्ट पोजीशन लाकर डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुई है।

संदर्भ महासमुंद मारपीट प्रकरणः क्या ऐसे ही प्रशासन चलाकर अपनी ‘घुड़सवारी’ पर इठला रहे हैं मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता-जनप्रतिनिधि?

( अनिल पुरोहित, पत्रकार ) – कभी, जब छत्तीसगढ़ के मौज़ूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के नाते विपक्ष की राजनीति करते थे, प्रदेश के पूर्ववर्ती भारतीय जनता पार्टी शासनकाल में ‘घुड़सवारी’ के जुमले के साथ तत्कालीन प्रदेश सरकार पर इस बात के लिए तानाक़शी करते थे कि भाजपा के लोगों को प्रशासन

छत्तीसगढ़ बीजेपी में गुजरात की तर्ज़ पर बड़े बदलाव की आहट से बढ़ रही बेचैनी…!

( गिरिज़ेय ) “पूरे घर के बदल डालूंगा………” । टीवी पर आने वाले एक विज्ञापन में यह जुमला अक्सर सभी ने सुना होगा। यह  बिजली के एक बल्ब का विज्ञापन है। जिसके जरिए यह मैसेज दिया जाता है कि बल्ब की क्वालिटी इतनी अच्छी है कि पूरे घर के बल्ब बदल देना ही फायदेमंद है।

पढ़िए ख़बर के भीतर की ख़बर- कांग्रेस-प्रो कबड्डी :शैलेष पाण्डेय क्रास पट्टी छूकर लौटेंगे या कैच हो जाएंगे?

(गिरिज़ेय ) हम सभी जानते हैं की कबड्डी बहुत ही दिलचस्प खेल है। इस खेल में बहुत बड़े मैदान या दूसरे साजो – सामान की जरूरत नहीं पड़ती। छोटी सी जगह पर बीच में एक लाइन खींच कर दो टीमें अलग-अलग हिस्से में बंट जाती हैं और उनके बीच जोर आजमाइश शुरू हो जाती है।

कांग्रेस भवनके लिए चिट्ठी लिखकर सवालों के मकड़जाल में उलझे विजय केशरवानी….! श्रेय की होड़ में बचकाना कदम… क्या सामान्य सभा का एजेंडा भी नहीं पढ़ते….?

( गिरिज़ेय ) “ जैसे किसान फसल इसलिए बोता है ताकि एक दिन फसल काट सके….। वैसे ही सियासत की खेती करने वाले भी समय-समय पर कुछ इस तरह के बीज जमीन पर डालते रहते हैं। जिससे वक्त आने पर राजनीति की वह फ़सल लहलहा उठे और उसे काट कर श्रेय यानी क्रेडिट का चेक

पत्रकार ललित सुरजन की यादः जन्मदिन पर किताब “कहां वो चले गए ” का ऑनलाइन विमोचन

देशबंधु अख़बार के प्रधान संपादक ललित सुरजन एक सम्मानित कवि व लेखक थे। देशबंधु देश का एक ख्यातिप्राप्त अखबार है । जिसमें स्वर्गीय ललित सुरजन की काफी लंबे समय तक संपादकीय पारी रही है । वह ऐसे व्यक्ति हैं जिनकी भूमिका  देश में पत्रकारिता की दशा और दिशा बदलने में रही है । ललित सुरजन

गणित का नया सवाल….! अंबिकापुर की शादी में एक हज़ार लोगों पर साढ़े नौ लाख़ का ज़ुर्माना … तो बिलासपुर मे सैकड़ों लोगों की स्वागत रैली पर कितना फाइन लगेगा…..? क्या नियम – कायदे सिर्फ़ आम आदमी के लिए …. और सत्ता पक्ष को दूध-भात…. ?

( गिरिज़ेय ) बिलासपुर जिला प्रशासन में बैठे जिम्मेदार लोग अगर छत्तीसगढ़ और बिलासपुर संभाग प्रशासनिक खबरों पर भी नजर डालते होंगे तो यह खबर भी जरूर उनकी नजरों से गुजरी होगी कि बिलासपुर संभाग के ही सरगुजा कलेक्टर ने कोविड-19  गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए शादी में भीड़ जुटाने के मामले में बड़ी कार्रवाई

बिलासपुर संभाग के सबसे कद्दावर मंत्री का पीछा कर रही…! सोशल मीडिया में वह वायरल आवाज़

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व और बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। जिसमें जयसिंह अग्रवाल और कोरबा के एक डिप्टी रेंजर एल डी पात्रे के बीच बातचीत सुनाई देती है। ऑडियो में गाली गलौज की भी आवाज है और डिप्टी रेंजर को मारने की भी

कोरोना पीड़ितों के घर गए नहीं…और पुनिया की भी नहीं सुनी-मंत्री के स्वागत में निकाल दी बारात…जमीन माफ़ियाओं को भी मिल गया मौक़ा,कांग्रेस अध्यक्ष केशरवानी भी सवालों के घेरे में

बिलासपुर।हाल ही में नए बनाए गए प्रभारी मंत्री जयसिंह अग्रवाल के स्वागत के दौरान सड़क पर उत्तरी लापरवाही को लेकर बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी ( ग्रामीण)  के अध्यक्ष विजय केशरवानी सवालों से घिरने लगे हैं। यह मामला उन पर भारी पड़ सकता है। कांग्रेस के अंदरखाने से यह बात भी निकल कर आ रही है

ज़मीन माफ़ियाओँ की राजधानी में नए “राज़ा” का बढ़िया स्वागत…बिलासपुर में नई ज़ुगलबंदी की बुनियाद के जश्न में दरबारियों का ऐसा ख़ौफ कि कोरोना भी डरकर भाग गया

(रुद्र अवस्थी)छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर ने न्यायधानी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस शहर में हाई कोर्ट स्थापित है। इसलिए इस शहर को न्यायधानी के रूप में पहचान मिली है। छत्तीसगढ़ राज्य जब बना ,तब इस शहर के लोग भी चाहते थे कि राजधानी बिलासपुर में बने। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि बिलासपुर के साथ राजधानी का

प्रभारी मंत्रियों की अदला-बदलीः एक तीर से कई निशाने…बिलासपुर में कम नहीं हैं, जय सिंह अग्रवाल के सामने चुनौतियां

(गिरिज़ेय़)मंत्रियों के प्रभार जिले में फेरबदल के साथ ही छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार ने अपने कार्यकाल के उत्तरार्ध यानी अगले ढाई साल की शुरुआत कर दी है। हालांकि यह एक तरह से प्रशासनिक फेरबदल का एक हिस्सा है। लेकिन मौजूदा हालात में इसे सियासी नजरिए से भी देखा जा रहा है। जिसके हिसाब

विकास भवन में फांसी पर लटककर आत्महत्या.. मृत स्वास्थ्य विंग का कर्मचारी..पहुंची पुलिस

बिलासपुर—- निगम के एक कर्मचारी ने विकास भवन में फांसी पर लटकर आत्मह्ता कर लिया है। मामले की जानकारी लोगों को सुबह हुई। खबर मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है।                 निगम निगम कर्मचारी ने विकास भवन में फांसी

डॉ दुबे को जिला अस्पताल सिविल सर्जन का प्रभार

बिलासपुर।राज्य सरकार ने सीएमएचओ प्रमोद महाजन को जिला अस्पताल के प्रभार से मुक्त कर दिया है। अब एनेस्थीसिया विभाग के सीनियर डॉक्टर शिव शंकर दुबे को सिविल सर्जन का चार्ज दिया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व सीएस डॉ मधुलिका सिंह के बाद डॉ अनिल गुप्ता को जिले का प्रभारी सिविल सर्जन बनाया गया था। इसके

अलविदा बसंत शर्मा ……ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना…

(रुद्र अवस्थी)बसंत ऐसा नाम है जो जब भी आता है.अपनी यादें छोड़ जाता है। ऋतुराज बसंत भी हर बार आता है और यादों की ऐसी गठरी छोड़ जाता है जिसके सहारे लोग फिर आने वाले साल में बसंत का इंतजार करते हैं…..। बसंत शर्मा का नाम भी ऐसा ही है। इस इंसान के अंदर एक

कोरोना की फिर दस्तक,अब न लगे लॉकडाउन इसके लिए सभी को करना होगा यह काम…जानिए डॉ. देवेन्दर सिंह ने CGWALL से क्या कहा

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में कोरोना की दस्तक फिर सुनाई दे रही है। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में जिस तरह लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ में भी संक्रमित लोगों की गिनती बढ़ती जा रही है। इसे लेकर व्यवस्था के जिम्मेदार लोगों की चिंता भी बढ़ रही है। सभी का मानना है कि मास्क, सोशल

सरकार का कार्यकाल आधे सफर के करीब,पढ़िये नोकझोक के माहौल मे कैसे शुरू हुआ,हिसाब-किताब का दौर

(रुद्र अवस्थी)वक्त तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं। अब आने वाले गिनती के चंद दिनों में वक्त का ऐसा मुकाम सबके सामने होगा , जब प्रदेश की मौजूदा सरकार अपने कार्यकाल का आधा सफर तय कर चुकी होगी। जाहिर सी बात है की अब यह हिसाब -किताब लगाने का

VIDEO-धरमलाल कौशिक ने ऐसा क्या कह दिया कि “श्रेय की उड़ान” में सबसे ऊपर निकल गया BJP का हवाई जहाज

(रुद्र अवस्थी)बिलासपुर शहर की वर्षों पुरानी मांग अब जाकर पूरी हो सकी है। यह शहर भी अब देश के हवाई नक्शे में जुड़ गया है। इस बहुप्रतीक्षित शुरुआत के साथ ही जनता के नुमाइंदों के बीच श्रेय की होड़ भी लोगों ने देखी। हालांकि श्रेय की होड़ में शामिल सभी ने यह बात मानी कि यह बिलासपुर की बहुत पुरानी

VIDEO-बिलासपुर के किस मुद्दे पर BJP को मिला निशानेबाज़ी का मौक़ा,कांग्रेसियों के आपसी झगड़े में राख़ के ढेर से रह – रह कर उठ रहा धुआँ

(रुद्र अवस्थी)अब यह खबर काफी पुरानी हो चुकी है कि सीएम भूपेश बघेल जब भी दौरे पर आते हैं ,तब – तब बिलासपुर में कोई न कोई झगड़ा खड़ा हो जाता है। और सीएम के वापस जाने के बाद उनके कार्यक्रम -भाषण -घोषणाओं की बजाय कांग्रेस के  झगड़े की खबर मीडिया में सुर्खियां बन जाती

जन आंदोलन की दरकार नहीं थी सरकार..तो बरसों तक हवाई सेवा के लिए क्यूं तरसता रहा बिलासपुर….?

(रुद्र अवस्थी)दीवारों पर टंगे कैलेंडर में जो हफ़्ता चल रहा था , यह उसी हफ़्ते की बात है। ।इधर न्यायधानी में हवाई सेवा को लेकर ढाई सौ से अधिक दिनों से धरना चल रहा था ।उधर देश की राजधानी दिल्ली में पीएम नरेन्द्र मोदी की ओर से  आंदोलनजीवी / परजीवी  को नई ज़मात कहे जाने पर बहस चल रही थी। और इसी हफ्ते