केंद्र ने राज्यों को तीसरी लहर से बचने के लिए भीड़-भाड़ वाली जगहों को नियंत्रित करने के निर्देश दिए

नई दिल्ली-केंद्र सरकार ने बुधवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) से जिला और अन्य संबंधित स्थानीय अधिकारियों को भीड़-भाड़ वाले स्थानों को नियंत्रित करने और कोविड-19 के उचित प्रबंधन के लिए आवश्यक उपाय करने के लिए सख्त निर्देश जारी करने को कहा। केंद्र की ओर से यह निर्देश ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब देश के विभिन्न हिस्सों में विशेष रूप से सार्वजनिक परिवहन और हिल स्टेशनों पर कोविड मानदंडों का घोर उल्लंघन देखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कोरोना की दूसरी लहर के कम हो रहे प्रभाव के बीच अब तीसरी लहर के आने की चर्चा जोर पकड़ रही है। इसलिए संभावना है कि यह अगर लोग सरकार द्वारा निर्दिष्ट उचित सुरक्षा उपायों का पालन करने में विफल रहते हैं तो भारत तीसरी लहर की चपेट में जल्द ही आ सकता है।
सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एक सलाह या एडवाइजरी जारी करते हुए गृह मंत्रालय (एमएचए) ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों को कोविड के उचित व्यवहार के सख्त प्रवर्तन में किसी भी ढिलाई के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बनाया जाना चाहिए।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला द्वारा भेजी गई एडवाइजरी में यह भी सलाह दी गई है कि संबंधित राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन, जिला अधिकारियों द्वारा इस संबंध में जारी किए गए आदेशों को व्यापक रूप से जनता और क्षेत्र के अधिकारियों को उनके उचित कार्यान्वयन के लिए प्रसारित किया जाना चाहिए।स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की 28 जून की एडवाइजरी के अनुरूप कोविड-19 प्रबंधन के लिए लक्षित और त्वरित कार्रवाई के कार्यान्वयन के लिए जारी किए गए एमएचए के 29 जून के आदेश का उल्लेख करते हुए, भल्ला ने सख्त निर्देश जारी किए।

केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने बाजारों, मॉल, साप्ताहिक बाजार, रेस्टोरेंट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों व पर्यटन स्थलों पर भारी संख्या में एकत्रित हो रही भीड़ के मद्देनजर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन व मुख्य सचिवों को सचेत करते हुए कहा है कि इस पर नियंत्रण करने के लिए जिला व स्थानीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी करें, ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण को एक बार फिर से फैलने से रोका जा सके।राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे अपने पत्र में केंद्रीय गृह सचिव ने आगे कहा है कि कोरोना संक्रमण के मामलों के दर्ज हो रही गिरावट के बाद पाबंदियों को हटाना शुरू कर दिया है। हालांकि, इन प्रतिबंधों को सावधानीपूर्वक हटाया जाना चाहिए।

केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि कोरोना को लेकर परीक्षण तेज गति से आगे भी जारी रखना है। उन्होंने कहा कि कोविड पर काबू पाने के लिए हमें पांच गुना रणनीति टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-वैक्सीनेशन और पालन पर काम करना होगा। भल्ला ने अपील करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर कोरोना को लेकर सख्त दिशा निदेशरें का पालन करवाने का आदेश जारी करें और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही देश के लोगों को फिर से परेशानी में डाल सकती है।

अजय भल्ला ने कहा कि बीते दिनों देश के कई हिस्सों से सार्वजनिक परिवहन और पहाड़ी इलाकों में कोरोना के दिशा निर्देशों के उल्लंघन को लेकर अनेकों मामले सामने आए है। इसमें बाजारों में भारी संख्या में एकत्रित हो रहे लोग सोशल डिस्टेंसिंग को नजरअंदाज करते दिखे हैंस, जिसके कारण कुछ राज्यों में कोरोना के मामले फिर से बढ़े हैं और यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है और लोगों को यह समझना होना कि जब तक सभी को कोविड वैक्सीन नहीं लग जाता है, तब तक हमें सतर्क रहना चाहिए।

एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि कई राज्यों में कोविड प्रोटोकॉल के गंभीर उल्लंघन से, खासकर सरकारी वाहनों और पहाड़ी इलाकों में, इसके परिणामस्वरूप आर फैक्टर कुछ राज्यों में बढ़ गया है। आर फैक्टर का 1.0 से ज्यादा होना कोविड-19 के तेजी से प्रसार का संकेत है।बता दें कि आर फैक्टर वह पैमाना है, जिससे यह तय होता है कि एक व्यक्ति कितने और व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। आर फैक्टर-1 होने का मतलब होता है कि संक्रमित शख्स एक व्यक्ति को संक्रमण दे सकता है। वहीं आर अगर एक से कम रहेगा तो यह उसके संक्रमण को तेजी से रोकने में मदद करता है। यह संक्रमण की चेन को तोड़ने का काम करता है।

गृह सचिव ने जोर देकर कहा कि परीक्षण को उसी उत्साह के साथ जारी रखने की जरूरत है, क्योंकि वायरस की जांच और मामलों की जल्द पहचान के लिए पर्याप्त परीक्षण अत्यंत आवश्यक है।यह पत्र ऐसे वक्त जारी किया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोविड नियमों के पालन में ढिलाई को लेकर राज्यों को हिदायत दी है।

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