CG ELECTION NEWS:“सियासत के मैदान” से “खेत” तक धान ही धान.. ! राहुल गांधी ने काट ली अपने हिस्से की फ़सल..

Chief Editor
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CG ELECTION NEWS: ( गिरिजेय ) छत्तीसगढ़ में चुनावी माहौल गरमा रहा है। शहर से गांव तक चारों तरफ़ बैनर- पोस्टर- झंडे नज़र आने लगे हैं। लाउडस्पीकर लगी गाड़ियां शोर – सपाटे के साथ फर्राटे भर रही हैं। दूसरी तरफ खेतों में धान की कटाई भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इतवार के दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी जब रायपुर इलाके के कटिया गांव में सिर पर लाल गमछा बांधकर खेत में उतरे और हाथ में हसिया लेकर किसानों के साथ धान की कटाई की…. तो चुनावी माहौल और खेत – खलिहान के बीच एक अजब सा तालमेल नजर आया। वैसे भी छत्तीसगढ़ में धान, किसान और छत्तीसगढ़ियत का मुद्दा अपना कितनी असर दिखाएगा , इस पर लोगों की नज़र है। खेत से निकलकर राजनांदगांव की सभा में भी राहुल गांधी ने ज्यादातर समय धान किसान और गांव की बात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के किसानों तक यह मैसेज पहुंचाने की कोशिश की है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की दोबारा सरकार बनने पर न सिर्फ एक बार फिर किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। बल्कि वे यह गणित भी समझा गए कि किस तरह किसानों को धान का दाम प्रति क्विंटल तीन हज़ार रुपए तक मिल सकता है ।

छत्तीसगढ़ में किसानों की आबादी 75 फ़ीसदी से अधिक है। यहां के ज्यादातर किसान धान की खेती के भरोसे बसर करते हैं। जाहिर सी बात है कि धान की फसल छत्तीसगढ़ की आर्थिकी का प्रमुख आधार है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ का यह इलाका अभिभाजित मध्य प्रदेश के समय से ही धान का कटोरा कहा जाता रहा है। सियासत में धान की एंट्री 2018  में हुई। जब कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीदी का वादा किया। साथ ही किसानों की कर्ज माफी की भी घोषणा की। सरकार बनते ही कैबिनेट की पहली मीटिंग में किसानों का कर्ज माफ भी कर दिया। इसके बाद धान खरीदी का रिकॉर्ड लगातार बढ़ता गया। पिछले 5 साल के दौरान छत्तीसगढ़ में आम लोगों के बीच धान का मुद्दा सबसे अहम बना हुआ है। कांग्रेस ने 2023 के चुनाव में भी एक बार फिर छत्तीसगढ़ के किसानों की कर्ज माफी का वादा किया है। हाल ही में सक्ती की एक पब्लिक मीटिंग में सीएम भूपेश बघेल ने जब कर्ज माफी का वादा किया तो चुनावी राजनीति किसानों के और नजदीक आ गई ।

कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार अपनी बात रख रही है। दूसरी तरफ धान और किसान के मुद्दे पर बीजेपी के रुख को लेकर लोग घोषणा पत्र का इंतजार कर रहे हैं। इधर छत्तीसगढ़ के चुनावी दौरे पर आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायपुर इलाके के एक गांव में धान की कटाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचकर इस मुद्दे को खेतों तक पहंचाने की कोशिश की है। सिर में लाल गमछा बांधे राहुल गांधी ने हाथ में हंसिया लेकर धान की कटाई की। उन्होंने किसानों से बात भी की। इस मौके पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव, विधानसभा स्पीकर डॉ. चरण दास महंत और गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू भी साथ थे।अपने हिस्से के धान की फसल काटने खेत पर उतरकर राहुल गांधी ने यह मैसेज तो दे दिया है कि किसानों के सहारे ही कांग्रेस एक बार फिर छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार बनाने के लिए चुनाव मैदान में उतरी है। जब उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा नेता डॉ रमन सिंह के चुनाव क्षेत्र राजनांदगांव में आमसभा की तो वहां भी धान और किसानों के बारे में ही ज्यादा बोले ।

राहुल गांधी ने अपने अंदाज में कहा कि कांग्रेस की सरकार किसानों का अधिक ध्यान रखती है। 2018 में कांग्रेस ने ढाई हजार रुपए में धान खरीदने का वादा किया था। उन्होंने लोगों से मुखातिब होकर कहा कि हम केवल ढाई हजार पर ही नहीं रुके और आज 2640 रुपए प्रति क्विंटल किसानों को मिल रहा है। उन्होंने यह पूरा गणित समझाते हुए यह बात भी कही कि कांग्रेस किसानों के दिल की बात सुन लेती है  और उम्मीद से अधिक करने की कोशिश करती है। लोगों को कहना भी नहीं पड़ा और उन्हे 2500 रुपए से अधिक धान की कीमत मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में धान की कीमत तीन हज़ार रुपए तक ले जाएंगे। राहुल गांधी ने यह बात भी कहीं कि छत्तीसगढ़ में किसानों को मजबूत करने के लिए एक बार फिर कर्ज माफ करने का वादा किया है। इस प्रदेश में लोगों को खेती की जमीन बेचने की जरूरत नहीं है । यह ऐतिहासिक बदलाव आया है। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि कांग्रेस गरीबों की चिंता करती है। दूसरी तरफ वे लोग हैं जो अरबपतियों के लिए काम करते हैं। उन्होंने यह बात भी कही कि देश में कहीं भी बीजेपी की सरकार ऐसी नहीं है, जिसने किसानों का कर्ज माफ किया हो।

इस मौके पर सीएम भूपेश बघेल ने भी किसानों से मुखातिब होकर बताया कि केंद्र सरकार ने बोनस देने पर रोक लगा दी। लेकिन हमने राजीव गांधी न्याय योजना के माध्यम से किसानों तक बोनस पहुंचाया। कांग्रेस की ओर से छत्तीसगढ़ में किसानों के मुद्दे पर लगातार बात की जा रही है और प्रदेश का विधानसभा चुनाव धान के मुद्दे पर एक बार फिर केंद्रित होता जा रहा है। कांग्रेस ने सियासत के मैदान से खेत तक धान को लोगों के बीच चर्चा का मुद्दा तो बना दिया है। अब इस मुद्दे पर बीजेपी के जवाब का इंतज़ार लोग कर रहे हैं।

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