CG ELECTION NEWS:बिल्हा में –  “ ये दारी फेर धरम लाल के बारी…” का नारा कितना असरदार..?

Chief Editor
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CG ELECTION NEWS:( गिरिजेय )  छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले की बिल्हा विधानसभा सीट भी हाई प्रोफाइल सीट मानी जाती है। जहां से बीजेपी के कद्दावर नेता धरमलाल कौशिक मौजूदा विधायक हैं और इस बार भी पार्टी के उम्मीदवार हैं। इस सीट की खासियत रही है कि पिछले कुछ चुनाव से भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार अदल-बदल कर चुनाव जीतते रहे हैं। इस लिहाज से बिल्हा इलाके में यही सवाल इस बार भी तैर रहा है कि “ये दारी काखर बारी…..।”यानी इस बार किसकी बारी होगी ..?  जिस तरह बीजेपी ने धरमलाल कौशिक को पहले से ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है और पिछले काफी समय से वे इलाके में लगातार जनसंपर्क करने के साथ ही कई बड़े कार्यक्रम कर चुके हैं। जिससे इस बार भी दौड़ में आगे निकल जाने की पूरी तैयारी नज़र आ रही है।

बिल्हा विधानसभा सीट के चुनाव इतिहास को देखें तो पिछले कुछ चुनाव से इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवार अदल-बदल कर चुनाव जीतते रहे हैं। इस सीट से 2018 में जीतकर आए भाजपा के कद्दावर नेता धरमलाल कौशिक छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं । वे भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। छत्तीसगढ़ बीजेपी में पिछड़ा वर्ग के बड़े नेताओं में उनका नाम अग्रिम पंक्ति में आता है। इस बार वे फिर चुनाव मैदान में है। बीजेपी की ओर से जारी दूसरी लिस्ट में उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया है । पिछले काफी समय से धरमलाल कौशिक इलाके में सक्रिय रहकर लोगों के साथ सीधा संपर्क बनाए हुए हैं। बिल्हा इलाके की तासीर कुछ ऐसी है कि जिसमें एक तरफ मुंगेली जिले के पथरिया इलाके का हिस्सा है तो दूसरी तरफ सरगांव से होते हुए बिल्हा , तिफरा , सिरगिटी का हिस्सा है। बिलासपुर शहर से सटे हुए इस इलाके में घनी आबादी भी है और सभी तबके के लोग यहां रहते हैं।

धरमलाल कौशिक बिल्हा सीट से चुनाव जीतते भी रहे हैं और उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा है। लेकिन उनकी खासियत है कि वे लगातार इलाके में सक्रिय रहे हैं। इस बार भी यही उनकी रणनीति का प्रमुख हिस्सा नजर आता है। हाल के दिनों मे बिल्हा इलाके में बीजेपी की ओर से कई बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। महिला मोर्चा के सम्मेलन में बड़ी तादात में महिलाओं ने हिस्सा लिया ।जहां प्रदेश की मौजूदा सरकार के कार्यकाल में हो रहे महिला अत्याचारों की भी बात हुई। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भी चर्चा हुई। जिसके जरिए भाजपा ने महिलाओं को  इस बात का एहसास कराया की बीजेपी  महिला सशक्तिकरण की पैरोकार है और उसने लगातार कदम उठाए हैं । महिलाओं की तरक्की के लिए केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही कई योजनाओं की बात भी हुई।

इसी तरह छत्तीसगढ़ सिनेमा के सुपरस्टार अनुज शर्मा की मौजूदगी में बिल्हा इलाके में नव मतदाता सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इसमें भी बड़ी तादाद में नौजवान शामिल हुए। इस आयोजन में भी नौजवानों को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की मौजूदा सरकार की ख़ामियों और वादा ख़िलाफ़ी को सामने रखा गया। सीजीपीएससी में हुई धांधली को लेकर बात हुई। साथ ही नौजवानों को इस बात का एहसास कराया गया कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में युवा शक्ति को देश की सबसे मूल्यवान संपदा मानकर युवाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस आयोजन में भी युवा नेता डॉ. देवेंद्र कौशिक, पथरिया मंडल अध्यक्ष राजेंद्र साहू, सरगांव मंडल अध्यक्ष पंकज वर्मा ,बिल्हा मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत क्षत्री, बोदरी मंडल अध्यक्ष लव श्रीवास, तिफरा – सिरगिटी मंडल अध्यक्ष अंकित पाल , पथरिया कॉलेज के विधायक प्रतिनिधि रविंद्र बघेल, सरगांव कॉलेज के विधायक प्रतिनिधि असद खान, बिल्हा  कॉलेज के विधायक प्रतिनिधि मोहन राजपूत सहित युवा मोर्चा के महामंत्री, कार्यकर्ता और बड़ी तादाद में युवा शामिल हुए।

बिल्हा इलाके में लगातार चुनावी राजनीति में हिस्सा ले रहे धरमलाल कौशिक की ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी टीम है। जिन्होंने अपने-अपने हिस्से की जिम्मेदारी संभाल ली है। इसकी झलक इलाके में देखी जा सकती है। दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से अब तक बिल्हा विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार का नाम फाइनल नहीं हो सका है ।  इस वज़ह से कांग्रेसी शिविर में उहापोह की स्थिति नजर आ रही है।धरम लाल कौशिक के साथ पॉजिटिव लाइन यह भी जुड़ी हुई है कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनने के बाद उन्हे बड़ा ओहदा मिलना तय है। ऐसे में उनके साथ लोगों का भरोसा जुड़ा हुआ है। चंद सफेदपोश लोगों की बजाय शुद्ध गांव वालों को अहमियत देने की रणनीति पर चलते हुए बिल्हा सीट पर अपनी पकड़ बनाए रखने में कामयाब नज़र आते हैं ,तो इसमें हैरत की बात नहीं है।ऐसे में …  “ये दारी फ़ेर – धरम लाल के बारी” का नैरेटिव कितना असरदार होगा, यह अभी से दिलचस्पी के साथ देखा जा रहा है। अभी चुनाव में वक्त है। लिहाजा आने वाले स्थिति के लिए वक्त का इंतजार करना ही बेहतर होगा।।

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