मेरा बिलासपुर

कलेक्टर सौरभ ने बताया..ऐसे पैदा होगा रोजगार.. बनाएंगे आठ रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क…ग्रामीण जीवन को मिलेगी ताकत

रीपा से ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगी ताकत..मजबूत होगा जीवन

बिलासपुर— बुधवार को कलेक्टर सौरभ कुमार ने मंथन सभागार में आयोजित कार्यशाला को संबोधित किया। कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों समेत स्व सहायता समूह और क्रियान्यवयन एजेंसियों को बताया कि महात्मा गांधी रूरल इन्डस्ट्रीज पार्क यानि रीपा का मूल उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और गांव को स्वावलंबी, आत्मनिर्भर बनाना है। रीपा शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कुटीर उद्योग भारत की आत्मा है। इस दौरान जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयश्री जैन ने विस्तार से रीपा के लिए जिले में संचालित की जा रही गतिविधियों को साझा किया। 
      कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप जिले के 4 विकासखण्डों में 8 रीपा संचालित होंगे। रीपा की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं और स्व सहायता समूह की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। कलेक्टर ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।  रीपा के उत्पादों की ब्रांडिग, सफल संचालन को लेकर विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला।
कलेक्टर ने कहा कि मार्केटिंग के लिए सक्रिय लोगों का चिन्हांकन करें। मन लगाकर सीखें और प्रशिक्षण प्राप्त करें। कलेक्टर ने कार्यशाला में उपस्थित ग्राम पंचायतों के सरपंच और स्व सहायता समूह की महिलाओं से संवाद किया। रीपा के संबंध में विस्तार से चर्चा कर आजीविका मूलक गतिविधियों को संज्ञान में लिया। कलेक्टर ने इस दौरान उपस्थित सभी लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। 
      कार्यशाला को कलेक्टर ने बताया कि बिल्हा ब्लाॅक में ग्राम पंचायत धौरामुड़ा, अकलतरी, कोटा ब्लाॅक में रानीगांव और करगीकला, मस्तूरी विकासखण्ड में वेद परसदा और बेलटुकरी में और तखतपुर विकासखण्ड में गनियारी और बेलपान में रीपा प्रोजेक्ट को स्वीकृत किया है। यहां बांस, शिल्प इकाई, पोहा उत्पादन, मत्स्य सह उत्पाद केंद्र, मिनी पशु आहार ईकाई, माईक्रो लेयर पोल्ट्री, मिल्क प्रोसेसिंग ईकाई, एचडीपीई बैग निर्माण, मशरूम उत्पाद, फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण, गारमेंट निर्माण, दोना-पत्ता निर्माण आदि गतिविधियां प्रस्तावित है।
कार्यशाला में उद्योग विभाग, पशुधन विकास विभाग, नाबार्ड, आरईएस, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र, उद्यानिकी विभाग, रेशम विभाग, हस्तशिल्प, मत्स्य विभाग और खादी ग्राम उद्योग विभाग द्वारा रीपा में प्रस्तावित गतिविधियों को लेकर हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में जिला पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, विभागीय अधिकारी, सरपंच-सचिव सहित बड़ी संख्या में महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं, युवा मितान क्लब के सदस्य और उद्यमी मौजूद थे। 
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