होली के दिन की बड़ी खबरें, कलेक्टर बदले गए,अब तक गुप्त रखा गया है बिलासपुर के नए कलेक्टर का नाम….देर शाम SP भी राजधानी तलब

बिलासपुर ( हो. न्यू .) ।होली के माहौल के बीच सोमवार की शाम बिलासपुर कलेक्टर बदले जाने की खबर आई है। माना जा रहा है कि राजनीतिक हलकों में आए दिन बिलासपुर राजस्व विभाग की गफलतबाजी से तंग आकर आखिर प्रदेश सरकार ने यह फैसला किया होगा। सबसे अहम बात यह है कि उनके तबादले पर मुख्यमंत्री सचिवालय ने भी मुहर लगा दी हैं । उनकी जगह पर किसे बिलासपुर का नया कलेक्टर बनाया जा रहा है यह नाम अब तक गुप्त रखा गया है। चाय की छन्नी से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक सत्ता पक्ष के बेहद करीबी किसी अफसर को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिसमें अहम बात यह भी है कि बिलासपुर के मौजूदा एमएलए शैलेश पांडे की सिफारिश का अक्षरशः पालन किया गया है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में कांग्रेस के दो खेमों के बीच नए तरह की जुगलबंदी देखने को मिल सकती है।

बताया जाता है कलेक्टर मित्तर मातहतों के कारनामों पर नियंत्रण नहीं कर पाने से चुप चुप रहने लगे थे।उनकी बात कोई भी कर्मी नहीं सुनता था और उन्होंने भी किसी को कुछ कहना बंद कर दिया था ।विगत शाम होली पर सालाना हिसाब किताब में पटवारियों की अन्य आय कलेक्टर से ज्यादा निकली,तो कलेक्टर ताकते रह गए। शहर के तहसीलदार स्तर के अफसरों की कमाई भीअंबानी अडानी की कमाई की रफ्तार का मुकाबला करती दिखाई दे रही है। कोरोना महामारी के बावजूद जमीन और प्लाटिंग के धंधे का टारगेट महाराष्ट्र के नए मास्टर ब्लास्टर सचिन वाझे को भी पीछे छोड़ चुका है।सारा कुछ खुलासा होने के बावजूद वे कोई एक्शन नही ले पा रहे थे । लिहाजा नैतिक जिम्मेदारी के हिसाब से जिले के सबसे बड़े अफसर ही निशाने पर आ गए। उनके बंगले के आसपास टहलने वाले सूत्रों के जरिए यह खबर भी आ रही है कि कल शाम बिलासा हवाई अड्डे की रूटीन उड़ान से वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

बिलासपुर के एसपी बदले गए:- शाम होते-होते यह खबर भी आम हो गई कि कलेक्टर के बाद राज्य सरकार ने बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक को मुख्यालय वापस बुला लिया है। पता चला है कि अपराधियो और गुंडों के नाम पर एफ आई आर की फाइले चोरी हो गई है। विभाग को इस बात को लेकर बड़ा सदमा लगा है कि होली की तरंग में लोग पासवर्ड भी भूल गए हैं जिससे कंप्यूटर में सुरक्षित रखें फाइलें भी खुल नहीं पा रही है और उनका सिस्टम ही परमानेंट लॉक हो गया है। इन्ही सब कारणों से कलेक्टर के बाद एसपी को भी सरकार ने वापस बुला लिया है । सूत्र बताते हैं एक रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक को यहां बिलासपुर में कानून व्यवस्था की कमान दी जा सकती है। जिन्हें सबको साथ लेकर चलने का पुराना एक्सपीरियंस बताया जा रहा है। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था का ताजा हाल देखते हुए ऐसे ही किसी अफसर पर प्रदेश सरकार अपना भरोसा जताए तो हैरत की बात नहीं होगी।

बिलासा देवी हवाई अड्डे का विनिवेशीकरण का फैसला:-
सर्विसेज और मेंटेनेंस के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ के दूसरे हवाई अड्डे बिलासा देवी विमानपत्तन का विनिवेश करने का राज्य सरकार ने फैसला किया है। इस हेतु डिसइनवेस्टमेंट कमेटी बनाई गई है।अपेक्स बैंक के अध्य्क्ष बैजनाथ चन्द्राकार को राज्य सरकार ने सलाहकार नियुक्त किया है। पहले चरण में विश्व स्तरीय क्लीनिंग सर्विसेज टैक्सी एवं डॉरमेट्री, मोटेल के निर्माण के लिए ज्ञात अज्ञात प्रतिभूतियों को बेचकर राशि एकत्र की जाएगी । तत्पश्चात हवाई सेवाओं की नाइट लैंडिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की अधोसंरचना विकास का कार्य किया जाएगा। विख्यात एक्टिविस्ट और सामाजिक सामाजिक अभिकर्ता सुदीप श्रीवास्तव में विनिवेशीकरण का विरोध किया है और उन्होंने जनता के सहयोग से हवाई पत्तन में सारी सुविधाएं नागरिकों के लिए निशुल्क शुरू की जाएगीऔर जब तक इन सेवाओं को शुरू नहीं किया जाता संघर्ष मोर्चा द्वारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उनका यह भी कहना है कि अगर कोई बिलासपुर का हक मारेगा तो हम झक मारकर बैठे नहीं रहेंगे । धरना और प्रदर्शन हमारा एकाधिकार है। इस मोनोपली को बनाए रखने के लिए हम चाहे जितना दिन भी चले अपना जन आंदोलन जारी रखेंगे। जिसकी जवाबदारी कोई भी ले सकता है।

होली पर वार्षिक पुरस्कारों का ऐलान करते हुए सामाजिक संस्था मनचंदा कमेटी ने शहर विधायक को मछली जल की रानी की उपाधि दी है ।मीन की भांति कोमल विधायक सर्व ज्ञात कविता को अक्षर से चरितार्थ करते है।
एक अन्य सामजिक संस्था ने होली के रंगा रंग आन लाइन फाग के दौरान कांग्रेस जिला प्रमुख विजय केशरवानी को किंग आफ लिंगियाडीह की उपाधि दी है ।हाल ही में उंहोने कई ट्रक मार्बल वार्ड की गलियों में बिछाने के लिए अपने खर्च पर मगवाया था। जिसका लिंगीयाडीह के विजयदीना नाथ चौहान उर्फ़ पूर्व उप सरपंच दिलीप पाटिल ने विरोध किया था। जिस वजह `से संगमरमर का पत्थर गरीब बस्तियों में बिछ नहीं पाया।

मूर्खाधिराज बनते ही सांसद ने दी पार्टी:-
बिलासा कला मंच द्वारा होली के अवसर पर बिलासपुर के सांसद अरुण साव् को मूर्खाधिराज की उपाधि दी गई है। उन्होंने बताया सांसद बनने के बाद छोटी छोटी सी जरूरत के लिए भी दिल्ली जाना पड़ता है। सार्वजनिक जीवन में नौटंकी से भी मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में प्रकृति की ओर लौट जाना चाहता हूं पर ये राजनीति मुझे आने नहीं देती, यही चुनौती सबसे बड़ी है। वे अपने निवास में होली पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा असम और बंगाल के चुनाव कांग्रेस के लिए अंतिम सफर साबित होने वाले हैं। देश में सबका साथ सबका विकास का नारा बुलंद हो रहा है। कोरोना के नाम पर महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ की सरकारे राजनीति कर रही थी ।जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

अरपा नदी नदी में आई बाढ़:-
होली की पूर्व संध्या पर अरपा नदी में अचानक आई बाढ़ को देखने के लिए नगर वासियों का मजमा लग गया। मार्च के महीने में सूखी नदी में आए उफान ने शहर में चर्चाओं का तूफान खड़ा कर दिया है। दरअसल कंगाल निगम ने अपने बजट में 80 लाख का नाला बनाने की घोषणा की है…. जिससे दूसरे शहर का सारा पानी अपने आप जमा होकर बाढ़ का रूप ले लिया। उसके पहले बजट सत्र में राज्य सरकार द्वारा शिव घाट और पचरी घाट क्षेत्र में दो बैराज बनाने के लिए करोड़ों रुपए के प्रावधान किए जाने के दिन से ही अरपा पाटो पाट बह रही है। इसी बीच निगम के द्वारा सालाना बजट में अरपा नदी में गंदे पानी की निकासी को रोकने के लिए नाला बनाने की घोषणा के बाद से ही अरपा नदी में बाढ़ आ गई थी। निगम के अधिकारी एसडीआरएफ और बाढ़ नियंत्रण दल के द्वारा लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। बाढ़ से सबसे ज्यादा खतरा तटीय क्षेत्र में निगम के सिटी बस डिपो पर ही मंडरा रहा है। जहां पर सिटी बसें साल भर से खड़े खड़े कंडम हो चुकी है ।करोड़ों रुपए दर्जनों सिटी बसों के ढांचे में फंसे हुए हैं। जिन्हें कोरोना के नाम पर साल भर से ठिकाने लगा दिया गया हैं।

( होली की खुमारी के बीच नशीली तरंग जब तक बह रही है ,तब तक कहीं कहीं से इस तरह की खबरें लगातार आ रही हैं। होलियाना माहौल में हम इनकी सत्यता का दावा नहीं कर सकते। लेकिन “बुरा ना मानो होली है ” कहकर और लिखकर इस तरह के खबरों को छापने के कई दशक पुराने रिवाज से प्रेरित और प्रभावित होकर हम इन खबरों को अपने पाठकों तक पहुंचा रहे है। । इन खबरों की सत्यता को जांचने के लिए हमारे सुधि पाठकों को भी अपने नीर क्षीर विवेक का इस्तेमाल करना ही पड़ेगा। इस तरह की सावधानी बरतने का निवेदन हम अपने पाठकों से कर रहे हैं)

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