एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ भूविस्थापितों का एलान..बताया..अनिश्चितकाल तक लड़ेंगे नौकरी की जंग..मस्तूरी विधायक बांधी ने भी किया समर्थन

बिलासपुर—एनटीपीसी विस्थापितों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का एलान किया है।प्रशासन को चेतावनी देते हुए एनटीपीसी पर धोखाधड़ी का आरोप भी लगाया है। एनटीपीसी भूविस्थापितों के एलान के समर्थन में मस्तूरी विधायक डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी  ने भुविस्थापितो के साथ एसडीएम कार्यालय घेराव का समर्थन किया है। 
                  एनटीपीसी सीपत प्रबंधन और भुविस्थापितों के बीच पिछले 20 वर्षो से चल रही नौकरी की लड़ाई एक बार फिर उग्र रूप लेने को तैयार है। भुविस्थापितों ने एनटीपीसी प्रबंधन पर नौकरी की वरीयता सूची में गुमराह करने और पात्र व्यक्तियों को नौकरी देने में जानबूझकर देरीकरने का आरोप लगाया है। बुधवार को जिला कलेक्टर, मस्तूरी एसडीएम पंकज डाहिरे,सीपत अतिरिक्त तहसीलदार पेखन तोंड्रे और थाना प्रभारी हरिश्चन्द्र टांडेकर को ज्ञापन सौंपकर 6 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के फैसले से अवगत करा दिया है। 
            जानकारी देते चलें कि ले कि एनटीपीसी प्रबंधन और भुविस्थापितों के बीच नौकरी की लड़ाई एनटीपीसी स्थापना काल 2002 से जारी है। 2008 में एक बड़े आंदोलन के बाद रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रशासन,एनटीपीसी प्रबंधन और भुविस्थापितों के बीच त्रिपक्षीय बैठक हुई।  बैठक में तीनों पक्षों के बीच सामुहिक फैसला लिया गया कि एक एकड़ से ऊपर जमीन वालों को नौकरी की वरियता सूची में कुल  692 भूविस्थापितो को नौकरी दिया जाएगा।  लेकिन 24 साल भी प्रबंधन ने वादा पूरा नहीं किया है।मा्मले को लेकर भू-विस्थापितों ने प्रशासन को ज्ञापन दिया है।
               ज्ञापन देने वालों में  भिलाई सरपंच प्रतिनिधि श्यामलाल पटेल,तुकाराम, सोनू कौशिक, दिगम्बर, दुर्गेश साहू, सुभाष साहू ,कुलदीप डोंगरे, चंद्रपाल राठौर, लक्ष्मी प्रसाद, गणेशराम साहू ,शनि प्रसाद, सहित बड़ी संख्या में भूविस्थापित महिलाएं शामिल हुई।
सहमति के बाद भी 267 को नौकरी का इन्तेजार
              साल 2008 के त्रिपक्षीय बैठक में 692 लोगो को नौकरी देने का फैसला लिया गया। 14  साल भी एनटीपीसी प्रबंधन ने अभी तक 425 लोगों को ही नौकरी दिया है। अभी भी 267 भुविस्थापितों को नौकरी का इंतजार है।
बैठक पर बैठक..मिला कुछ नहीं
              एनटीपीसी प्रबंधन,प्रशासन और भुविस्थापत परिवार के बीच इन 14 सालों में इतने ही बार बैठक हो चुकी है। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने एनटीपीसी प्रबंधन हर बार एक सप्ताह के भीतर नौकरी देने की बात कह मुद्दे को टालने में कामयाब रहा।दो साल पहले  23 मई 2020 को बिलासपुर कलेक्टर, भूविस्थापित और एनटीपीसी प्रबंधक की बैठक हुई। कलेक्टर ने एनटीपीसी के अधिकारियों को 1 माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने का आदेश दिया। इस बार भी वही हुआ जो पिछले 14 सालों से होता रहा। भूविस्थापित आज भी अपनी लड़ाई लड़ रहै हैं।
               एसडीएम पंकज डाहीरे ने 15 जून 2022 और 18 जून 2022 को मामले में बैठक लेकर एक सप्ताह के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा। इस बार भी एनटीपीसी प्रबंधक का वही पुराना रवैय्या रहा। अब थक हारकर भुविस्थापितों ने उग्र आंदोलन का एलान कर दिया है।
भूविस्थापितों 70 परिवार धरना देंगे
           एनटीपीसी प्रभावित ग्राम भिलाई के सरपंच प्रतिनिधि और भुविस्थापित श्यामलाल पटेल ने बताया कि प्रभावित गांव के 70 परिवार शनिवार को सुखरीपाली में अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन करेंगे। इस दौरान राखड़ डेम और हरदाडीह पंप हाउस में चल रहे काम को रोकने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन को ज्ञापन भी दिया गया है। 

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