मेरा बिलासपुर

गणेश भंवर मूर्ति का खुलासा..पुलिस पर पड़ गया भारी.. आरोपी के पिता ने लगाया गंभीर आरोप..इतना की मांग

बिलासपुर—भंवर गणेश मूर्ति चोरी का खुलासा होने के बाद पुलिस खुद भंवर में फंसती नजर आ रही है। मूर्ति चोरी का आरोपी युवराज टण्डन के पिता ने पुलिस टीम पर गंभीर आरोप लगाया है। लक्ष्मी टण्डन ने पुलिस कप्तान और आईजी को लिखित शिकायत कर बताया कि जांच पड़ताल के दौरान उसे जबरदस्ती फंसाने का ना केवल प्रयास किया गया। बल्कि एक आरक्षक ने दो लाख रूपयों की मांग किया है। मामले में पीड़ित ने एसपी और आईजी कार्यालय पहुंचकर जांच की मांग की है।

                    ठीक 24 घण्टे पहले मस्तूरी और एसीसीयू टीम ने तीन महीने पहले हुए एतिहासिक भंवर गणेश मूर्ति चोरी का खुलासा भारी पड़ता नजर आ रहा है। पकड़े गए चार आरोपियों में से एक युवराज टण्डन के पिता लक्ष्मी टण्डन ने एसीसीयू आरक्षक पर रूपया वसूली करने और झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है।

                                लक्ष्मी टण्डन ने पुलिस कप्तान कार्यालय पहुंचकर एडिश्नल एसपी राहुल देव शर्मा को बताया कि तीन महीने पहले मस्तूरी क्षेत्र से मूर्ति चोरी मामले में उसे फंसाया जा रहा है। तीन दिसम्बर को अपने गांव चौहा स्थित तालाब की रखवाली कर रहा था। इसी बीच क्राइम  ब्रांच पुलिस टीम गांव के कुछ लड़कों को लेकर तालाब पहुंची। इसमें उसका लड़का युवराज टण्डन भी शामिल था। सबके साथ उसको भी गाड़ी में बैठाकर क्राइम ब्रांच थाना लाया गया। 

               थाना पहुंचने के बाद एसीसीयू की टीम ने पूछताछ को अंजाम दिया। साथ ही छोड़े जाने की बात कही। इसी दौरान क्राइम ब्रांच का आरक्षक गोविन्द शर्मा ने बताया कि यदि उसने दो लाख रूपया दिया तो मूर्ति चोरी के अपराध से नाम हटा दिया जाएगा। इसके बाद उसे डेढ़ बजे रात को उसके गांव चौहा छोड़ा गया। छोड़ते समय गोविन्द ने यह भी कहा कि विजय टण्डन के कहने पर अपराध दर्ज नहीं किया जा रहा है।  लेकिन इसके लिए कम से कम पचास हजार रूपये साहब को देना होगा। 

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                                            यद्यपि इस दौरान उसने आरक्षक को बताया कि उसके पास रूपये नहीं है। दस हजार से अधिक नहीं दे सकता है। लेकिन आरक्षक ने दबाव डालते हुए कहा कि दूसरे दिन रूपयों का इंतजाम कर प्रदीप सिंह के पास छोड़े। दूसरे दिन रूपये की व्यवस्था नहीं हुई। इस दौरान गोविन्द ने कई बार फोन किया। लेकिन फोन नहीं उठाया।प्रदीप ने फोन कर रूपया पहुंचाने की बात कही।

              लक्ष्मी ने बताया कि न्याय की गुहार लगाने एसपी और आईजी के पास आया है। एडिश्नल एसपी राहुल देव शर्मा ने आश्वासन दिया है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी। लक्ष्मी ने यह भी बताया कि पूरे घटनाक्रम में आरक्षक गोविन्द शर्मा, प्रदीप सिंह, संजू सोनी, विजय टण्डन समेत 10 से 12 लोग शामिल हैं। 

एसीसीयू थाना प्रभारी की सफाई

               लक्ष्मी टण्डन की शिकायत पर एसीसीयू प्रभारी हरविन्दर ने बताया कि लक्ष्मी ने जांच की मांग की है। और मैं समझता हूं कि जांच जरूरी भी है। फ़ोन कॉल के कुछ बातचीत को आधार मानते हुए सच्चाई सामने नहीं आ सकती है। अगर गोविंद शर्मा या कोई भी विजय उनसे अवैध वसूली करने के लिए फ़ोन लगाया तो पीड़ित को किसी ना किसी माध्यम से सम्पर्क करना चाहिए था।

              पुलिस में एक व्यवस्था  है। किसी की भी शिकायत ऊपर के अधिकारियों से करना चाहिए था। आरोपी का पिता स्वतंत्र है । उसे अपनी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखना चाहिए। पुलिस के नाम से पैसा लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। चाहे आरक्षक गोविंद शर्मा हो या फिर वह खुद ही क्यों ना हो।

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                              बहरहाल भंवर गणेश मूर्ति चोरी का खुलासा का असर दिखाई देने लगा है। पुलिस पर गंभीर आरोप लगने के बाद विभाग में हलचल मच गयी है। मतलब खुलासे के बाद पुलिस हमेशा की तरह एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर भंवर में फंसते दिखाई दे रही है। 

                              

                     

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