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हरितालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं पति की लम्बी आयु के लिए रखेंगी निर्जला व्रत

रामानुजगंज (पृथ्वीलाल केशरी)।हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज व्रत रखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार,हरतालिका तीज को सबसे बड़ी तीज माना जाता है। वही उत्तर भारत में हरतालिका तीज से पहले हरियाली और कजरी तीज भी मनाई जाती हैं। हरतालिका तीज में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला और निराहार व्रत रखकर पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज व्रत को सुहागिनों के अलावा कुंवारी कन्याएं भी रखती हैं। मान्यता है कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।

शुभ मुहूर्त के साथ करें विधि विधान से पूजा

हरतालिका तीज व्रत 30 अगस्त 2022 दिन मंगलवार को रखा जाएगा। इस दिन सुबह साढ़े छह बजे से लेकर रात्रि 08 बजकर 33 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त हैं जबकि शाम 06 बजकर 33 मिनट से रात 08 बजकर 51 मिनट तक प्रदोष काल बताया जा रहा है, वहीं हरितालिका तीज में श्रीगणेश,भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कि जाती है। सबसे पहले मिट्टी से तीनों की प्रतिमा बनाएं और भगवान गणेश को तिलक करके दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद भगवान शिव को फूल,बेलपत्र और शमिपत्री अर्पित करें और माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें। तीनों देवताओं को वस्त्र अर्पित करने के बाद हरितालिका तीज व्रत कथा सुनें या पढ़ें। इसके बाद श्रीगणेश की आरती करें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती उतारने के बाद भोग लगाएं।

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