videoः 2024 में 75 के हो जाएंगे मोदी..बोले नेताम.. इस चेहरे पर लड़ेंगे चुनाव..बताया..भाजपा में कई आदिवासी मुख्यमंत्री

बिलासपुर—भाजपा का एक एक नेता किसान है। भाजपा का एक एक आदिवासी आदिवासी मैटेरियल है। राजनीति कुछ क्रिकेट की तरह है। इसलिए संगठन में बदलाव भी क्रिकेट की ही तरह होता है। यह बातें छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री रामविचार नेताम ने अम्बिकापुर प्रवास के दौरानर बिलासपुर में कही। नेताम ने बताया कि जाति की राजनीति अच्छी बात नहीं है। हम आदिवासी और जाति के आधार पर नहीं बल्कि विकास के आधार मुख्यमंत्री का चुनाव करते हैं। 

                    अम्बिकापुर जाते समय कुछ प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भाजपा नेता रामविचार नेताम बिलासपुर रूके। इस दौरान उन्होने सवाल जवाब के दौरानर बताया कि तेजी से संगठन में परिवर्तन की कोई बात नहीं है। राजनीति क्रिकेट की ही तरह है। बालर और बैट्समैन की तरह संगठन में भी बदलावन होता है। 

           क्या सीनियर खिलाड़ियों को नजर अंदाज कर भाजपा अपने लक्ष्य को हासिल कर पाएगी। उन्होने कहा कि सीनियर जूनियर का सवाल नहीं है। सीनियरो का पार्टी में सम्मान देने के साथ परामर्श लिया जाता है। 75 प्लस नेताओं का पार्टी को मार्गदर्शन है।

                2024 में प्रधानमंत्री 75 साल के हो जाएंगे। क्या उन्हें भी हटाया जाएगा। ऐसे में भाजपा का चेहरा कौन होगा। सवाल के जवाब में रामविचार नेताम ने बताया कि साल 2024 में मोदी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ेंगे। उस समय की परिस्थियों को उस समय ही देखा जाएगा।

                  क्या अपने आप को मुख्यमंत्री मैटेरियल मानते हैं। क्योंकि आदिवासियों को तो साइड लगाया जा रहा है। सवाल के जवाब में रामविचार ने बताया कि हम बहुत छोटे कार्यकर्ता है। हमारे यहां सभी आदिवासी मुख्यमंत्री मैटेरियल हैं। हम जाति की नही विकास की राजनीति करते हैं। जातिगत राजनीति हम नहीं करते हैं।

                         क्या किसान नेता मुख्यमंत्री बनने से..भाजपा को तकलीफ है। सीएम के बयान पर रामविचार ने बताया कि भाजपा में सभी नेता किसान है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद आदिवासी नेता पिछड़ जाता है..कोई  व्यापारी मुख्यमंत्री बन जाता है। सवाल के जवाब में रामविचार ने टालते हुए कहा कि ऐसा नहीं है।

                        राहुल गांधी की पदयात्रा को किस नजर से देखते हैं। उन्होने बताया कि स्वस्थ्य रहने के लिए पदयात्रा जरूरी है। संगठन और परिवार को बचाने के लिए भी।

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