स्कूलों में दशहरा – दिवाली की छुट्टियों पर दुविधा की स्थिति, प्रस्ताव पर नहीं लगी अंतिम मुहर, मंडरा रहे कटौती के बादल

रायपुर।छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षक, स्कूलों में कार्यरत कर्मचारी, छात्र, पालक दुर्गा पूजा की छुट्टियों को लेकर भ्रम की स्थिति में है । संस्था प्रमुख शिक्षा विभाग के आयुक्त के प्रस्ताव पर शासन के आदेश का इंतजार कर रहे है।बीते दिनों स्कूल शिक्षा विभाग के आयुक्त के नाम से जारी पत्र में शैक्षणिक सत्र 2021-22 में कुल 60 दिनों का अलग अलग दुर्गा पूजा व दशहरा, दीपावली शीत कालीन और ग्रीष्म कालीन अवकाश का प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया था। जिस पर अंतिम मुहर अब तक नहीं लगी है। इस विभाग से जुड़े कुछ लोग इस प्रस्ताव को छूट्टी मान कर चल रहे है। जबकि इस विषय पर कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नही आया है। जिसकी वजह से दुर्गा पूजा की छुट्टियों पर कटौती के बादल नजर आ रहे है। सरकार के इस लेट लतीफ वाले अनिर्णय की स्थिति की वजह से अपने घरों से दूर दराज में रहने वाले बहुत से विद्यार्थी और कर्मचारी इस बार दुर्गा पूजा के अवसर पर शायद ही अपने घरो को जा पाए।

शिक्षक संघ के नेताओ का मानना है कि प्रयोग की पाठशाला शिक्षा विभाग में व्यवस्था का यह आलम है कि विद्यार्थियों पर जब मन किया तब नया प्रयोग थोप दिया जाता है। शिक्षकों के किसी काम के लिए भी ड्यूटी लगाने के लिए शासन के तमाम दिशा निर्देशों को ताक में रख कर गैर शिक्षकिय कार्यो के लिए सरपंच से लेकर राजस्व अधिकारी तक निर्णय ले लेते हैं। तनख्वाह देने के लिए भी अधिकारी जनपद सदस्यों और सरपंचों की सील साइन का फरमान जारी कर देते है। शिक्षकों के हित की जब बात आती है तो यहां निर्णय अटक जाता है, फिर चाहे शासन स्तर पर हो या कमेटी स्तर पर हो ..!

प्रदेश में तबादला नीति व इस पर हुए खेल और आरोप सार्वजनिक है। पूर्व में जारी हुई तबादला नीति के आवदेन की संख्या बताते है कि उसका लाभ आम और जरूरत मंद शिक्षकों को नहीं हुआ है । प्रदेश में बहुत से शिक्षक विभिन्न कारणों से अपने परिवारों से दूर रहकर काम कर रहे हैं। दुर्गा पूजा, दीपावली, शीतकालीन व ग्रीष्म कालीन अवकाश ऐसा अवसर है जिस की प्रतीक्षा हर शिक्षक व छात्र करता है। बहुत सी पारिवारिक जिम्मेदारियां इसी वक्त निभाई जाती है।

13 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक विभाग की छूट्टी पर सोमवार को निर्णय नही आया तो और भी देरी हो चुकी होगी क्योंकि कोरोना काल में कोई नहीं चाहता की भीड़ भाड़ में बिना प्लानिंग के यात्रा की जाए ट्रेनों में रिजर्वेशन मिलना अब मुश्किल है। बसों में वैसे भी दुर्गा पूजा में भीड़भाड़ अधिक रहती है। छात्र छात्राऐ, शिक्षक, व स्कूलों के अन्य कर्मचारी हर किसी के पास निजी साधन नही होता जिससे परिवार सहित घर की ओर की या अन्य कारणों से यात्रा की जा सके .!

नवरात्रि का त्यौहार चल रहा है। नवदुर्गा की पूजा आराधना हो रही है। सोमवार से दुर्गा पंडालों में दुर्गा देवी विराजमान होगी स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत के शासकीय ,अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों, बी.एड, डी.एड ,एम.एड कालेजो की छूट्टी के निर्णय लेने में वैसे भी बहुत देरी हो चुकी है। जब लोक शिक्षण संचनालय ने प्रस्ताव बनाया है तो पारित करने में देरी क्यों हो रही है .? ये छुट्टियां और त्यौहार का अवसर सभी संवर्ग के शिक्षकों, इस विभाग के मैदानी कर्मचारियों व प्रदेश के लाखों छात्र छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण है ..!

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