क्या श्रीलंका की तरह भारत में भी आ सकती है आर्थिक बदहाली? रघुराम राजन ने दिया जवाब

दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (Raghuram Rajan) ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) बढ़ाने में अच्छा काम किया है. उन्होंने कहा है कि देश को श्रीलंका (Sri Lanka) और पाकिस्तान (Pakistan) जैसी आर्थिक समस्याओं (Economic Crisis) का सामना नहीं करना पड़ेगा.रघुराम राजन ने कहा, ‘हमारे पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है. रिजर्व बैंक ने रिजर्व बढ़ाने में अच्छा काम किया है. हमारे सामने श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी समस्या नहीं है. हमारे ऊपर विदेशी कर्ज भी कर्ज का बोझ भी कम है.’

संकटग्रस्त देश के सांख्यिकी विभाग (Statistics Department) ने शनिवार को कहा कि श्रीलंका की मुद्रास्फीति (Inflation) जुलाई में बढ़कर 60.8 प्रतिशत हो गई, जो जून में 54.6 प्रतिशत थी. श्रीलंका में विदेशी मुद्रा भंडार में अप्रत्याशित कमी आई थी. खाद्य और ईंधन संकट से जूझ रहे देश में हालात बदतर हो गए. पाकिस्तान में भी राजनीतिक अस्थिरता की वजह से आर्थिक बदहाली बढ़ गई है. रुपये का अवमूल्यन लगातार हो रहा है. प्रोडक्शन तंत्र बुरी तरह से प्रभावित है और महंगाई बढ़ती जा रही है.

वहीं श्रीलंका के जनगणना और सांख्यिकी विभाग ने एक बयान में कहा कि कोलंबो कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर बेस्ड सालाना मुद्रास्फीति की दर जुलाई में 60.8 फीसदी तक पहुंच गई. जून में यह दर 54.6 प्रतिशत थी. श्रीलंका में महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर है. खाद्य वस्तुओं की कीमतें 80.1 से लेकर 90.9 फीसदी तक बढ़ गई हैं. श्रीलंका के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि महंगाई 75 प्रतिशत तक और बढ़ सकती है.

रघुराम राजन ने कहा, ‘पूरी दुनिया में मंहगाई बढ़ गई है. RBI ब्याज दरें बढ़ा रहा है जिससे महंगाई कम करने में मदद मिलेगी. सबसे ज्यादा महंगाई की मार फूड और ऑयल प्रोडक्ट्स पर पड़ी है. पूरी दुनिया में खाद्य मुद्रास्फीति कम हो रही है और भारत में भी यह दर घटेगी.’ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 22 जुलाई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 
571.56 बिलियन डॉलर था. विदेशी मुद्रा भंडार में 1.152 बिलियन डॉलर की गिरावट आई थी.

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