मेरा बिलासपुर

महाविद्यालय में 1 दिवसीय छंद कार्यशाला का आयोजन…पाणिनी शोध संस्थान प्रमुख डॉ.पुष्पा दीक्षित ने बताया..ऐसे होता है छन्दबद्ध श्लोक का पाठ

सही उच्चारण और लय से ही आती है श्लोक में मधुरता

बिलासपुर—बिलासा कन्या महाविद्यालय में छंद आधारित श्लोक पाठ राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्कृत विभाग और आइक्यूएसी के संयुक्त तत्वावधान में “छन्दोबद्ध श्लोकपाठस्य प्रशिक्षणम्” विषय पर आयोजित एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित विदुषी डॉक्टर पुष्पा दीक्षित ने जरूरी दिशा निर्देश भी दिया। 
 छत्तीसगढ़ शासन उच्चशिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में बिलासा कन्या महाविद्यालय में छन्दोबद्ध श्लोकपाठस्य विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक रीति से आचार्य दीपक शर्मा के स्वस्तिवाचन के साथ किया गया। संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना कर उपस्थित लोगों को भाव विभोर कर दिया। संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. सीमा पांडेय ने स्वागत भाषण दिया और उपस्थित लोगो से अतिथियों का परिचय कराया।
सीमा पाण्डेय ने कार्यशाला के उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। महाविद्यालय के प्राचार्य और उच्चशिक्षा विभाग के अपर संचालक डॉ. एस.आर.कमलेश ने कार्यक्रम की अध्यक्षता किया। डॉ. कमलेश ने संस्कृत भाषा की महत्ता और वर्तमान समय में संस्कृत भाषा की उपयोगिता के बारे में बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता पाणिनीय शोध संस्थान की संचालिका, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर पुष्पा दीक्षित ने छन्दोबद्ध श्लोकपाठ की विधि का निर्देशन किया। डॉ. दीक्षित ने संस्कृत के श्लोकों के सही उच्चारण और विधिवत पाठ पर  व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉक्टर संतोष तिवारी ने श्लोक पाठ की सरलतम विधि का परिचय दिया। छन्द के नियमों को समझाया। उन्होने बताया कि श्लोकों का उच्चारण सही होने पर ही वे सुनने में अच्छा लगता है। साथ ही श्लोक का पाठ भी किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन अतिथि प्राध्यापिका  गिरिजा गुप्ता ने किया।आइक्यूएसी प्रभारी डॉ मधुलिका सिन्हा ने उपस्थित अतिथियों, विद्वतजन और छात्राओं के प्रति धन्यवाद जाहिर किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न महाविद्यालयों और  विद्यालयों के प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक और शिक्षकों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि और  विशिष्ट अतिथि का स्मृतिचिन्ह से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को महाविद्यालय के संस्कृत विभाग ने प्रमाण पत्र से सम्मानित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की डॉ. किरण बाजपेयी, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. सीमा मिश्रा , डॉ. डी.डी. कश्यप और अन्य प्राध्यापकों की विशेष उपस्थिति देखन को मिली।

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