VIDEO- रमन ने बताया आय दो गुना करने का फार्मुला.कहा.2 साल में ही बढ़ गयी भूपेश की बेचैनी..बिल का क्षेत्रीय लोग कर रहे विरोध..सरकार रविन्द्र चौबे से नहीं चलती सरकार

बिलासपुर—- पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा..कृषि बिल का विरोध राजनैतिक है। पत्रकार वार्ता के दौरान रमन सिंह ने किसासों की आय दो गुना करने का फार्मुला बताया। उन्होने कहा कि खाद बीज की सही समय पर वितरण..बाजार समेत कई बाते हैं जिससे किसानों की आय प्रधानमंत्री 2022 में दो गुनी कर देंगे। कुछ तो बात होगी तभी तो मुख्यमंत्री का पद ढाई ढाई साल की बात सामने आ रही है। 

                   एक निजी हाटल में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। उन्होने कहा कि इन दो सालों में जनता में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश है। सरकार पटरी से उतर चुकी है।

              किसान जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री के पास कौन सा फार्मुला है कि 2022 तक आय दो गुना हो जाएगा। जबकि उत्पादन और उपभोग में गहरी खाई है। सवाल के जवाब में डॉ.रमन सिंह ने खाद बीज पानी, भाण्डारण.बाजार को लेकर आर्थिक गतिविधियों का खांसा खींचकर आय दो गुना करने की बात कही। साथ ही उन्होने दावा किया कि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए ही कृषि बिल लाया गया है। जवाब के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने खपत कम और उत्पादन अधिक के कारण बिगड़े बाजार के बारे में कुछ नहीं बताया। 

              ढाई ढाई साल के मुख्यमंत्री के सवाल पर रमन सिंह ने कहा कि कुछ तो बात है तभी तो बात सामने आ रही है कि मामला ढाई ढाई साल के अन्दरूनी मामले का है। यह कांग्रेस का अन्दरूनी मामला है। पद को लेकर कलह सामने आने लगी है।

                           युद्धवीर सिंह का बागी सुर सुनने को मिल रहा है…उन्होने कहा कि भाजपा व्यापारियों की पार्टी हो गयी है। अब नेतृत्व भी पहले जैसा नहीं रहा। रमन सिंह ने जवाब दिया कि युद्धवीर ही बताएं कि कहा नेतृत्व ठीक नहीं है। उन्हे यह भी बताना चाहिए था कि पिछले दो साल में कौन व्यापारी पार्टी में आ गया है। और पहले कैसा था।

         कृषि बिल के विरोध के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ लोगों का विरोध है। देश में 28 राज्य है। सिर्फ 3 प्रदेश के किसानों का कृषि बिल को लेकर विरोध है। दरअसल कृषि बिल को लेकर केवल क्षेत्रीय विरोध है। इसमें राजनीति भी हो रही है।

              क्या बिल को वापस लिया जाएगा के सवाल पर डॉ.रमन ने कहा कि राहुल गांधी ने खुद घोषणा किया था कि देश में नया कृषि बिल लाया जाएगा। मण्डिया बनेंगी। किसान अपने उत्पाद को बाहर तक भेजेंगे। हमने वही किया है। यह बिल कांग्रेस का ही था..अब विरोध कर रहे हैं। दरअसल किसानों के साथ कांग्रेस राजनीति कर रही है।

                     रमन सिंह ने दुहराया कि किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। फसल के साथ एग्रीमेन्ट होगा…ना कि जमीन का एग्रीमेन्ट किया जाएगा।

              मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि उन्हें कोई पन्द्रह साल तक हटा नहीं सकता है। चुटकी लेते हुए रमन सिंह ने कहा कि मै 15 साल मुख्यमंत्री रहा..लेकिन ऐसे विचार नहीं आए। दरअसल यह डर को जाहिर करने वाला विचार है। सच तो यह है कि पद खोने और सरकार जाने को लेकर भूपेश में अभी से डर भर गया है। इसलिए ऐसा कर रहे हैं।

               रविन्द्र सिंह के बयान पर तंज कसते हुए रमन ने बताया कि सरकार रविन्द्र चौबे से नहीं चलती….जनता के सहयोग से चलती है।

                 15 साल के शासन काल में कौन अधिकारी और नेता ईमानदार नजर आया। सवाल को टालते हुए रमन सिंह ने कहा कि यह बताने की जरूर नहीं है। जीएसटी भुगतान के सवाल पर पूर्व प्रदेश मुखिया ने बताया कि बंटवारा होता है। केन्द्र राज्य को जीएसटी का भुगतान करता है। प्रदेश को भी समय पर दिया जाएगा।

                नक्सली समयस्या के सवाल पर रमन सिंह ने कहा कि एक बार फिर नक्सली शहर की तरफ बढ़ रहे हैं। हमने उन्होने अन्तिम जगह तक धकेल दिया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार बनते ही नक्सलियों ने कहना शुरू कर दिया कि अब अपनी सरकार है। हमने नक्सलियों को नकेल कसने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के काम किए। मिट्टी के घर में लगने वाले थानों को अपग्रेड किया। 80 हजार जवानों की भर्ती हुई। सड़क का निर्माण किया।

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