पीएससी सचिव ने कहा..खामियों को करेंगे दूर..लेकिन नहीं बढ़ाएंगे तारीख.. आवेदकों ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल

बिलासपुर—-छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग सचिव ने आयोग की पोर्टल में आयी खामियों को स्वीकार किया है। आयोग सचिव ने बताया कि आवेदन में त्रुटि सुधार के समय आयी परेशानियों की जानकारी आवेदकों से आयोग को मिली है। लेकिन किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। आवेदक पत्राचार के माध्यम से अपनी त्रुटियों के साथ सुधार को पेश कर सकते हैं। इसके बाद सभी खामियों को दूर कर लिया जाएगा। 
 
                  बताते चलें कि पिछले एक माह के अंदर छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग के ऑनलाइन पोर्टल में खराबी को लेकर प्रतियोगियों ने शिकायत थी। मामला मीडिया में आने के बाद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने हर बार पोर्टल में आयी खामियों को सुधार का दावा किया। नया मामला आनलाइन आवेदन में त्रुटि सुधार को लेकर सामने आया। सीजीवाल से आयोग के सचिव ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी अभ्यर्थियों और मीडिया से मिली है। जल्द ही पोर्टल में आयी गड़बड़ी को दूर कर दिया जाएगा।
 
143 पदों के लिए विज्ञापन
 
             जानकारी हो कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने  2020 के लिए 143 पदों में भर्ती के लिए विज्ञापन का प्रकाशन किया। आवेदकों को 12 जनवरी तक ऑनलाइन फॉर्म पंजीयन कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी के आवेदन में भूल वश जानकारी गलत भर गया हो…उसे भी निश्चित शर्तों का पालन करते हुए आनलाइन सुधार किया जा सकता है। इसके लिए आवेदक को कुछ शुल्क अतिरिक्त देना होगा। आनलाइन पंजीयन क्रमांक डालकर त्रुटि को आवेदक सुधार कर सकेगा। आयोग ने विज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि त्रुटि सुधार केवल 14 से 18 जनवरी तक ही किए जा सकेंगे। 
 
आयोग ने कबूल की गलती
 
                जानकारी के अनुसार आन लाइन आवेदन करते समय कई अभ्यर्थियों ने गलतियां की। लेकिन पोर्टल में आकस्मिक खराबी  कके चलते आवेदक प्रयास के बाद भी त्रुटियां नहीं सुधार सके। इसके बाद आवेदकों के अलावा मीडिया के माध्यम से सारी जानकारी आयोग तक पहुंची। सीजी वाल संवाददाता से बातचीत के दौरान पीएससी सचिव जे.के. ध्रुव ने बताया कि जो प्रतियोगी फार्म में त्रुटि  सुधार से वंचित रह गए है । आयोग से  पत्राचार या  सीधे संपर्क कर त्रुटि के लिए लिखित आवेदन कर सकते  हैं। लेकिन त्रुटि सुधार को लेकर अंतिम तिथि में किसी प्रकार का बदलाव नही किया जाएगा।
 
पत्रााचार से त्रुटि सुधार की व्यवस्था
 
               आयोग के सचिव जे.के.ध्रुव ने  सीजी वाल को बताया कि पोर्टल में आयी परेशानियों को लेकर आईटी सेल प्रभारी से चर्चा हुई है। आईटी सेल ने खामियों को तुरंत सुधारने की  बात कही है। लेकिन त्रुटि सुधार के लिए 18 जनवरी अंतिम तिथि में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा। बावजूद इसके ऐसे प्रतियोगी जिन्हें आवेदन त्रुटिपूर्ण किया है। सुधार करने से वंचित रह गए हैं। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के कार्यालय में सीधे संपर्क कर लिखित आवेदन या ईमेल के माध्यम से त्रुटि सुधार का कार्य करा सकते हैं।
 
             बातचीत के दौरान सचिव जे.के.ध्रुव ने कहा कि आयोग की वेबसाइट में इस बात को लेकर  सूचना भी जारी  करेंगेै।
 
परीक्षा से पहले मानसिक दृढ़ता टेस्ट
 
         पीएससी सचिव से आश्वासन के बाद भी आवेदकों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। बिलासपुर में पीएससी की तैयारी कर रहे आवेदकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग ने परीक्षा से पहले कुछ ना कुछ गड़बड़ियां कर मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा लेता है। हर चरण में अगर ऐसे ही खामी होगी तो पहले ही लेटलतीफी और अनेकों गड़बड़ियों के लिए विख्यात छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की विश्वसनीयता पर बड़ा चिन्ह है।
 
            आवेदकों ने बताया कि लोकसेवा आयोग के पास परीक्षा कराने का लम्बा अनुभव है। बावजूद इस प्रकार की गलतियां दिमाग खराब करने वाली होती है। आयोग को पूरी सतर्कता के साथ ऑनलाइन प्रक्रियाओं को संचालन करना चाहिए।  जिससे प्रतियोगियों को आये दिन  खड़ी हो रही परेशानियों से निजात मिल सके।
 
उच्चस्तरीय जांच की मांग
 
           पोर्टल में लगातार गड़बड़ी  परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है? मामले में उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है।  ताकि लापरवाही बरतने वाली जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। और भविष्य में इस प्रकार की गलितियों की पुनरावृत्ति ना हो। आयोग की परीक्षा प्रणाली एवं प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण ही आए दिन मामले न्यायालयीन प्रक्रिया में चले जाते हैं । इसके बाद छत्तीसगढ़ के युवा अपने आप को ठगा महसूस करते हैं।

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