“फ्रंटलाइन कर्मचारियों के समान हमें ड्यूटी से गुरेज़ नहीं बशर्ते साधन व सुविधा वैसे ही मुहैया कराए,जिम्मेदारों से पूछता है शिक्षक आखिर शिक्षकों के साथ ही दोयम दर्जे का व्यवहार क्यों?-प्रदीप पांडेय”

बिलासपुर-कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में शिक्षकों की भूमिका से इनकार नही किया जा सकता, आज शिक्षक फ्रंटलाइन कर्मचारियों के साथ-साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं, अलग अलग जिलों से आ रही उनके ड्यूटी आदेश की रिपोर्ट यही बयाँ कर रही हैं। किन्तु विगत समय से उन्हें वो सुविधाएं नही मिल पा रही जो कोरोना ड्यूटीरत अन्य कर्मचारियों को मिला करती हैं। कई शिक्षक कोरोना के काल के गाल में समा गए, उनके परिवार निराश्रित हो गए, किन्तु अब भी बिना सुविधाओं के ड्यूटी लगने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमित होकर काल के गाल में समा जाने से पूरा शिक्षक समुदाय भयभीत भी है और आक्रोशित भी। सोशल मीडिया में लगातार वायरल हो रहे पोस्ट बयां करते हैं कि बिना सुरक्षा के शिक्षकों की लगाई जा रही ड्यूटी से शिक्षको में भय व्याप्त है और शासन प्रशासन के इस बेरुखी से नाराजगी भी। इस बीच अनेक संगठनों ने आवश्यक सुरक्षा उपकरण एवं संपूर्ण टीकाकरण के साथ ही शिक्षकों की ड्यूटी कोविड-19 कार्य में लगाए जाने की मांग कर रहे हैं।

सर्व शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विवेक दुबे एवं कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा से मेल करके यह मांग किया है कि-

1 शिक्षकों को फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स मानते हुए समस्त शिक्षकों का तत्काल टीकाकरण किया जावे।

2 कोविड-19 ड्यूटी के दौरान संक्रमित होने वाले एवं इलाज के दौरान मृत्यु होने वाले शिक्षकों को 50 लाख की सहायता राशि प्रदान की जावे।

3 मृत शिक्षकों के परिवार को तत्काल अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जाए।

4 कोविड-19 की ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को आवश्यक सामग्री जैसे कि पी पी ई किट, ग्लब्स, मॉस्क इत्यादि आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाए।

5 कोविड-19 ड्यूटी के दौरान संक्रमित हो रहे शिक्षकों के उपचार के लिए अस्पतालों में उपचार सुविधा उपलब्ध कराया जावे।

कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के इस दौर में हम शिक्षक शासन-प्रशासन के साथ हैं। शासन-प्रशासन के द्वारा जहां पर भी हमारी ड्यूटी लगाई जा रही है हम शिक्षक बड़ी ही जिम्मेदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं, किंतु यह बीमारी बहुत ही खतरनाक है इसमें सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन होना अति आवश्यक है। प्रदेश में लगातार शिक्षक साथी कोविड-19 ड्यूटी करते हुए संक्रमित हो रहे हैं और अनेक शिक्षकों की इलाज के दौरान मृत्यु भी हो गई है। इस पूरे स्थिति को देखकर शिक्षक समुदाय भयभीत हैं, इसलिए हम लोगों ने प्रदेश के महामहिम राज्यपाल, माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री एवं प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन से शिक्षकों के लिए बीमा लाभ, संपूर्ण टीकाकरण एवं चिकित्सा सुविधा की मांग की है।अब देखना ये होगा कि क्या इसी तरह आदेश पे आदेश जारी होते रहेंगे या एक आदेश ऐसा भी जारी होगा जिसमें शिक्षकों को भी वही सुविधा मिल पाएगी जो अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों को मिल रही।

Comments

  1. By Laxmi sahu

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