जब पति ने किया नाजायज संबध का विरोध..तो पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट.. जांच में खुलासा..20 साल का फर्क बना कारण

बिलासपुर—पुलिस ने सिरगिट्टी स्थित कोरियापारा में बलराम  ठाकुर की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस के अनुसार जांच में पाया गया कि मृतक बलराम ठाकुर की मौत स्वभाविक नहीं होकर सुनियोजित हत्या थी। बलराम की हत्या पत्नी और प्रेमी ने मिलकर अंजाम दिया है। क्योंकि बलराम ठाकुर को पत्नी का नाजायज रिश्ता मंजूर नहीं था।लोगों ने बताया कि पति बलराम से  पत्नी सावित्री 20 साल छोटी थी।

            पुलिस के अनुसार 1 सितम्बर को सिरगिट्टी स्थित कोरियापारा निवासी बलराम ठाकुर की मौत  खबर मिली। 112 से किसी ने बलराम ठाकुर की मौत को लेकर आंशंका जाहिर किया। डायल करने वाले ने बताया कि बलराम की मौत स्वभाविक नहीं है। खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गयी।

            मृतक की पत्नी सावित्री ने पुलिस को बताया कि बलराम लम्बे समय से बीमार था। काफी कमजोर होने के कारण उसकी मौत स्वभाविक हुई है। मौके पर बातचीत के दौरान कई लोगों ने बलराम की मौत को बीमारी से होना साफ इंकार किया। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि बलराम और साबित्री के बीच 20 साल का फर्क था। इस वजह से दोनों के बीच काफी तनावपूर्ण सम्बन्ध थे। स्थानीय लोगों की  बातों पर गौर करते हुए पुलिस ने शव को पंचनामा के लिए भेज दिया।

       पीएम रिपोर्ट में बताया कि बलराम की मौत गला दबाने से हुई है। मरने के पहले पहले बलराम ठाकुर से मारपीट भी हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने सावित्री के साथ कड़ाई से पूछताछ की।

           पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आयी कि बलराम ठाकुर अपनी पत्नी सावित्री के नाजायाज सम्बन्ध को लेकर नाराज था। पुलिस को जानकारी मिली कि सावित्री का रतनपुर भेलवापारा निवासी नारायण खाण्डे से अवैध सम्बन्ध है। नारायण खाण्डे तिफरा स्थित फल मण्डी में ड्रायवर का काम करता है। पिछले 8-10 साल से सावित्री के घर आना जाना है।

                       पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि नारायण जब तब रात्रि को सावित्री के घर ना केवल रूकता है बल्कि खाना भी खाता है। अवैध सम्बन्ध की भनक सावित्री के पति बलराम को लग गयी। बलराम ने नारायण को घर आने से मना किया। बावजूद इसके नारायण का घर आना जाना बना रहा। बार बार घर आने से मना किए जाने पर नारायण और सावित्रि बलराम से नाराज हो गए। फिर दोनों ने मिलकर बलराम को ठिकाने लगाने की योजना तैयार की। घटना के एक दिन पहले दोनों ने मिलकर बलराम को नायलोन की रस्ती से गला घोंटकर मार डाला। 

               मामले का खुलासा होने पर नारायण खाण्डे ने भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने आरोपी प्रेमी को तिफरा मण्डी में भागने से पहले ही धर दबोचा। पूछताछ के दौारन आरोपी प्रेमी ने हत्या का जुर्म कबूल किया। दोनों की निशानदेही पर हत्या में प्रयोग किए गए नायलोन की रस्सी को आलमारी के पीछे से बरामद किया।

                 पुलिस ने दोनो के खिलाफ आईपीसी की धारा 302,34 का अपराध दर्ज किया। दोनों आरोपियों को हत्या के जुर्म में न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया।

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