सरकार की तानाशाही के ख़िलाफ़ डटा रहूँगा,रमन सिंह से “डॉ. रमन” अपनी लगन से बना

रायपुर।भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह ने उनके रोजगार के लिए ब्लू प्रिंट के पूछने पर कांग्रेस के किए तीखे विरोध पर फिर आज कड़ा जवाब देते हुए कहा कि प्रश्न पूछना उनका लोकतांत्रिक हक है और वह भूपेश सरकार की तानाशाही के खिलाफ डटे रहेंगे।डा.सिंह ने ट्वीट कर कहा कि..गांव गरीब किसान की बात हो या बेरोजगारी का विषय,भूपेश बघेल की अहंकारी सरकार से प्रश्न पूछने के लिए प्रदेशवासियों को किसी पद की आवश्यकता नही है।मैंने हमेशा छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा की हैं और अंतिम सांस तक अपनी माटी औऱ भाई बहनों के लिए सरकार की तानाशाही के खिलाफ डटा रहूंगा..।उन्होने कहा कि..मैं रमन सिंह से डा.रमन अपनी लगन से बना।मुझे विधायक प्रदेश की जनता ने चुना। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का दायित्व मुझे मेरी पार्टी ने दिया। लेकिन प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी को निर्वाचित सरकार से प्रश्न करने का समान अधिकार बाबा साहब के संविधान ने प्रदान किया..।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप NEWS ग्रुप से जुडने यहाँ क्लिक कीजिये

डा.सिंह ने दो दिन पहले ट्वीट कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा चुनावों के पहले विपक्ष में रहते 20 अगस्त 18 के ट्वीट को टैग करते हुए पूछा था कि..चुनाव से पहले उनके पास झीरम में 2013 में हुए नक्सल हमले के सुबूत थे,रोजगार के लिए ब्लू प्रिंट था,शराब बन्दी के लिए योजना थी,बेरोजगारों को भत्ते देने के लिए पैसे थे,और 2500 रूपए क्विंटल पर किसानों से धान खऱीदने के लिए पैसे थे,लेकिन जब से सरकार में आए है,तबसे इनमें से कुछ नही है..।

डा.सिंह ने इससे पहले ही राज्य की कांग्रेस सरकार के संसदीय सचिवों की शीघ्र नियुक्ति की खबरों पर उसे आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि उनकी सरकार के संसदीय सचिवों की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए कांग्रेस उच्च न्यायालय से लेकर उच्चतम न्यायालय तक गई,सत्ता में आने के 18 महीने में ही उन्हे ज्ञान हो गया कि भाजपा सरकार के कदम सही थे।उऩके लगातार हमलों से कांग्रेस काफी खफा है,और उन पर दो मंत्रियों ने प्रेस कान्फ्रेंस कर आज जवाबी हमला किया।

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