प्रभारी तहसीदार से विधायक भांजे की मारपीट…पुलिस ने खड़े किये हाथ…तहसीलदार एक जुट

IMG-20170714-WA0005बिलासपुर/महासमुंद— सरायपाली विधायक भांजे की गुंडागर्दी का मामला तूल पकड़ लिया है। नायब तहसीलदार से मारपीट और गाली गलौच करने वाले तथाकथित विधायक प्रतिनिधि के खिलाफ प्रदेश के तहसीलदार एकजुट हो गए हैं। तहसीलदारों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग प्रदेश के सभी जिला कार्यालयों में कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। विधायक भांजे के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।

                                            मालूम हो कि महासमुंद कलेक्टर के निर्देश पर सड़कों पर डबल केजव्हील वाले ट्रैक्टरों पर कार्रवाई की जा रही है। डबल केजव्हील ट्रैक्टरों से सड़कों को नुकसान होता है। टूट फूट होने से सड़कें जल्दी खराब होती है।

                                                                  कलेक्टर आदेश और ग्रामीणों की शिकायत पर सरायपाली नायब तहसीलदार राममूर्ति दीवान बोंदा गांव में डबल केजव्हील ट्रैक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे। नायब तहसीलदार के साथ दो कोटवार भी मौजूद थे। सरायपाली विधायक रामलाल चौहान का भांजा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा और गाली गलौच कर मारपीट करने लगा। नायब तहसीलदार को विधायक भांजा होने की धमकी दी। घटना के बाद नायब तहसीलदार ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। बावजूद इसके सरायपाली और महासमुंद पुलिस आरोपी विधायक भांजे को बचाने का प्रयास कर रही है।

प्रभारी तहसीलदार से मारपीट..मुश्किल से बची जान

              सरायपाली नायब तहसीलदार राममूर्ति दीवान ने सीजीवाल को बताया कि बोंदा गांव स्थित नवापाली सड़क किनारे डबल केजव्हील वाले ट्रैक्टर खिलाफ 12 जुलाई को सुबह साढ़े सात बजे दो कोटवारों के साथ कार्रवाई करने गया। इसी दौरान सरायपाली विधायक रामलाल चौहान का भांजा अपने साथियों के साथ आया और नाम पूछा। मैने बताया कि सरकारी काम कर रहा हूं..इतना सुनते ही उसने अपने साथी प्रकाश पटेल, चैतराम चौधरी, सुशील पटेल और नरेश पटेल के साथ मिलकर हमला कर दिया। मां बहन और जाति सूचक अश्लील गालियां दी। जान से मारने की धमकी भी दी। नवरंगपुर कोटवार रविन्द्र दास और बोंदा नवापाली कोटवार नरेन्द्र चौहान ने मुझे किसी तरह बचाया।

नायब तहसीलदार अस्पताल में भर्ती

                       दीवान को अंदरूनी चोट आयी है। कोटवारों और अन्य लोगों ने नायब तहसीलदार को सरायपाली अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद दीवान को रायपुर रिफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार दीवान को गर्दन और शरीर के अन्य भाग में अंदरूनी चोट आयी है।

एफआईआर दर्ज…लेकिन कार्रवाई नहीं      SARAYPALI

               सरायपाली नायब तहसीलदार के अनुसार तहसीलदार रायपुर ट्रेनिंग में है। तहसील का प्रभार मेरे पास है। मारपीट की घटना की शिकायत सरायपाली थाना में 12 जुलाई को की.. FIR दर्ज कराया। बावजूद इसके अभी तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गयी है। टीआई का कहना है कि मामले की जांच एसडीओपी करेंगे। एसडीओपी ने बताया गिरफ्तार तो हम ही करेंगे…लेकिन मेरे पास समय नहीं है। घर पर हूं…अकेले होने के कारण फिलहाल कार्रवाई संभव नहीं है।

नौकरी करना मुश्किल..फंसाने की साजिश

               सरायपाली नायब तहसीलदार दीवान ने सीजीवाल को बताया कि तहसीलदार ट्रेनिंग में हैं। एसडीएम भी मामले को लेकर गंभीर नहीं है। कहते हैं कि प्रभार में हूं। मेरे लिए नौकरी करना मुश्किल हो गया है। मन बहुत विचलित हो गया है। मुझे गलत साबित करने के लिए आरोपी विधायक भांजे को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मेरे खिलाफ झूठी शिकायत थाने में की जा रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि मैने घर में घुसकर कार्यवाही की और रूपए मांंगे हैं।

                         दीवान ने सीजीवाल को बताया कि 13 जुलाई की शाम को मैं कार्रवाई के लिए थाने में बैठा था। ठीक आधे घंटे पहले विधायक का भांजा थानेदार को पट्टी पढ़ा रहा था। मेरे पहुंचने पर थानेदार विधायक के लोगों का पक्ष लेने लगा। मामले की जानकारी डिप्टी कलेक्टर को दी। डीसी प्रेम प्रकाश शर्मा ने थानेदार से गिरफ्तारी में देरी का कारण पूछा। उसने झूठ बोला कि टीम गिरफ्तार करने गयी थी लेकिन आरोपी नहीं मिले। जबकि सभी आरोपी खुलेआम गांव और गलियों में घूम रहे हैं। अब कलेक्टर से ही उम्मीद है।

प्रदेश तहसीलदारोंं ने खोला मोर्चा

                        राम मूर्ति दीवान पर हमले की आग प्रदेश में फैल गयी है। पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर तहसीलदारों में खौफ और आक्रोश है। लोगों ने बताया कि पुलिस रसूखदार परिवार के खिलाफ कार्रवाई से बच रही है। भाजपा नेता मामले को रफा – दफा करने का प्रयास कर रहे हैं। अपराधी भाजपा के प्रभावशाली लोगों से संबंध रखते हैं।  तहसीलदारों ने कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

                     जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी तहसीलदारों ने फैसला किया है कि सभी जिला कार्यालयों में कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा। कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। घटना के दो दिन बाद भी आरोपी पुलिस् गिरफ्त से दूर है।

                              जानकारी के अनुसार नायब तहसीलदार के साथ मारपीट करने वाला व्यक्ति भाजपा जिला चिकित्सक प्रकोष्ठ का पदाधिकारी भी है।

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