जरूरी नहीं.. कर्मचारियों का स्थानांतरण…प्रेमसाय ने बताया..15 साल की अव्यवस्था पांच दिन में नहीं होगी दूर

बिलासपुर— जरूरी नहीं है कि दो साल में कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाए। यदि कर्मचारी अच्छा काम करते हैं..तो ट्रांसफर की जरूरत नहीं है। अमर जीत भगत को मंत्री बनाया जाना चाहिए। शिक्षा में गुणवत्ता सुधार की दिशा में काम किया जाएगा। दिल्ली कर्नाटक का अध्ययन किया जा रहा है। फिलहाल हमारी सरकार को जुमा जुमा पांच दिन हुए हैं। इतने कम दिनों में पन्द्रह साल की अव्यवस्था को दूर करना नामुमकिन है। गड़बड़ियों को धीरे धीरे और तरीके से दूर किया जाएगा। यह बातें स्कूल शिक्षा,आदिम जाति कल्याण और सहकारिता मंत्री ने पत्रवार्ता के दौरान दी। प्रेमसाय सिंह ने बताया कि समीक्षा बैठक में सभी मुद्दों और व्यवस्थाओं पर अधिकारियों से बातचीत होगी। जरूरी निर्देश भी दिया जाएगा।
                             आदिम जाति कल्याण विभाग,सहकारिता और स्कूल शिक्षा मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। प्रेमसाय सिंह ने सवालों के जवाब में कहा कि निश्चित रूप से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। व्यवस्था की सर्जरी की जाएगी। मिड डे मिल में सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिले। सर्वे में 47  जगह सही मिड डे मील दिए जाने की जानकारी मिली है। जहां पौष्टिक आहार नहीं दिया जा रहा है उसे दुरूस्त किया जाएगा। बावजूद इसके यदि कर्मचारियों और व्यवस्था में सुधार सही नहीं पाया गया तो नई व्यवस्था की जाएगी। बच्चों को दिए जाने वाले गुणवत्ता वाले बोजन से समझौता नहीं किया जाएगा।
                प्रेमसाय सिंह ने झण्डारोहण के सवाल पर बताया कि प्रदेश में 27 जिले और 68 विधायक हैं। सभी को एक साथ झण्डारोहण करने का मौका मिले…संभव नहीं है। झण्डारोहण को लेकर गुटबाजी का सवाल ही नहीं उठता है। व्यवस्था के तहत कहीं भी किसी को झण्डारोहण का निर्देश हो सकता है। अम्बिकापुर में अमरजीत भगत और खेलसाय सिंह वरिष्ठ नेता हैं। झण्डारोहण करेंगे। लेकिन व्यवस्था के अनुसार। प्रेमसाय ने कहा कि जिसे आज झण्डारोहण का मौका नहीं मिला। उन्हें भी समय पर अवसर मिलेगा।
                 सरकारी स्कूलों के रिजल्ट के सवाल पर स्कूली शिक्षा मंत्री ने कहा कि पता लगाया जाएगा कि स्कूलों का रिजल्ट क्यों खराब है। स्कूलों की पहचान भी होगी। मामले में जांच के बाद कार्रवाई भी होगी। जहां पद रिक्त हैं…शिक्षकों की भर्ती होगी। मध्यसेशन में छात्र हित में स्कूलों के अतिरिक्त शिक्षकों को एडजस्ट किया जाएगा। बिना पंजीयन स्कूलों पर कठोर कार्रवाई होगी। निजी स्कूलों में फीस के सवाल पर प्रेमसाय ने बताया कि मामले में जांच पड़ताल करेंगे।
         आदिवासी विभाग में कई कर्मचारी सालों साल से जमे हुए हैं। सवाल के जवाब में प्रेमसाय ने कहा कि कोई पत्थर की लकीर नहीं है कि कर्मचारी निश्चित साल तक ही एक स्थान में रहेंगे। जो अच्छ काम करेगा…उसका स्थानांतरण क्यों…। तमाम सवालों के बीच प्रेमसाय ने बताया कि पन्द्रह सालों की अव्यवस्था को मात्र चंद दिनों में दूर नहीं किया जासकता है। लेकिन अव्यवस्था को क्रमिक रूप से दुरूस्त करेंगे।

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