स्थापित बाजार व शॉपिंग मॉल की किराना व मिठाई दुकानों को होम डिलिवरी की छूट मिली

बिलासपुर। जिले में लागू कंटेनमेन्ट अवधि के दौरान जिला प्रशासन ने लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए छूट की सीमा बढ़ाई है। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के लिये सम्पूर्ण जिले को 24 मई की रात 12 बजे तक कंटेनमेन्ट जोन घोषित किया गया है। पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन किया गया है। स्थापित बाजार यथा-शनिचरी, बुधवारी, गोल बाजार आदि तथा माल, सुपर बाजार में स्थित दुकानें नहीं खुलेंगी, किन्तु इनमें स्थित किराना दुकानों को आम जनता हेतु खोले बिना केवल होम डिलिवरी के लिये शाम 4 बजे तक संचालित की जा सकेगी। ज्ञात हो कि फल, सब्जी की होम डिलिविरी शाम 4 बजे तक करने की अनुमति पूर्व में दी गई है। यह डिलिवरी केवल स्ट्रीट वेण्डर्स, ठेले वाले, पिकअप, मिनीट्रक, अन्य उपयुक्त छोटे वाहन के माध्यम से की जा सकेगी। इसके लिये प्रयुक्त वाहन पर बैनर या स्टिकर प्रदर्शित करना होगा। आम जनता के लिये दुकानें खोले बिना किराना दुकानदार आसपास के क्षेत्र में स्वयं या डिलिवरी बॉय के माध्यम से उपरोक्त समयावधि में होम डिलिवरी कर सकेंगे। गली मोहल्लों एवं कॉलोनियों में स्थित एकल किराना, अण्डा, पोल्ट्री, मटन, मछली की दुकान, बेकरी अधिकतम शाम 4 बजे तक खोली जा सकेगी।

होटलों एवं रेस्टोरेन्ट्स से केवल स्विगी, जोमेटो इत्यादि ऑनलाईन एप्लिकेशन के माध्यम से प्रातः 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होम डिलिवरी की अनुमति दी गई है किन्तु ग्राहकों के लिए इन-हाउस डाइनिंग तथा टेक-अवे प्रतिबंधित रहेगा। भीड़-भाड़ या निर्देशों का उल्लंघन होने पर होटलों एवं रेस्टोरेन्ट्स को 30 दिन के लिये सील कर दिया जायेगा। इस व्यवस्था में संलग्न सभी व्यक्तियों को नियमित अंतराल में कोविड-19 जांच तथा 45 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों को कोविड-19 वैक्सीनेशन कराना अनिवार्य होगा। वाहन मरम्मत, पंचर सुधार, आटो पाटर्स, विभिन्न चार पहिया वाहनों के शो रूम, चार पहिया वाहन रिपयेरिंग वर्कशाप, स्टेशनरी, लाण्ड्री सर्विसेस, आटा चक्की, आप्टिकल शाप, निर्माण सामग्री विक्रय की दुकानें, रिपेयरिंग सामग्री विक्रय हेतु इलेक्ट्रिकल दुकानें, पेट शाप, एक्वेरियम, कृषि से संबंधित खाद, उर्वरक, कीटनाशक, बीज विनिर्माण, वितरण एवं विक्रय, कृषि मशीनरी विक्रय एवं इससे संबंधित स्पेयर पार्ट्स एवं मरम्मत दुकानें शाम 4 बजे तक संचालित की जा सकेगी। इन बिन्दुओं को छोड़कर जिले की समस्त गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 तथा अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी।

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