5 दिसम्बर को होगा राउत नाचा महोत्सव..कलेक्टर की हरी झंडी.. करना होगा शासन के दिशा निर्देशों का पालन

बिलासपुर—-मेयर और रावत नाच महोत्सव समित के सदस्यों ने आज कलेक्टर से मिलकर रावत नाच महोत्वस की जानकारी दी। प्रतिनिधिन मंडल ने कलेक्टर को जानकारी दी कि राउत महोत्सव का आयोजन देव उढनी एकादशी से शुरू होता है। 43 वां रावत नाच महोत्सव का आयओजन पांच दिसंबर को आयोजित किया जाएगा।
 
                    महापौर रामशरण की अगुवाई में रावत नाच महोत्सव समिती का प्रतिनिधिमंडल आज कलेक्टर से मुलाकात आओजन के इतिहास और उद्देश्य की जानकारी दी। प्रतिनिधिनिमंडल के सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि देवउठनी एकादशी के बाद अंचल में रावत नाच का दौर शुरू होता है। इस दौरान दोह पढ़ने के साथ यदुवंशी नाच का प्रदर्शन करते हैं। इस वर्ष कोरोना के कारण शहर में होने वाले राज्य स्तरीय रावत नाच महोत्सव पर संशय था।
 
              महापौर रामशरण यादव समेत प्रतिनिधिमंडल के सदस्य और राउत नाचा महोत्सव के संयोजक कालीचरण यादव, आर जी यादव , पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव और सदस्यों ने कलेक्टर सारांश मित्तर से मिलकर विस्तार से महोत्सव की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हर वर्ष की तहर इस वर्ष भी समाज रावत नाच महोत्सव के आयोजन को लेकर उत्सुक है।
 
                   कलेक्टर से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि कलेक्टर ने कहा कि शासन-प्रशासन की गाइड-लाइन का पालन किया जाए। लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में रावत नाच महोत्सव का आयोजन किया जा सकता है। इस दौरान पुलिस प्रशासन भी सेवाएं देगा।
 
                महापौर रामशरण ने बताया कि 43 वां रावतनाच महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन से सहमति मिल गयी है। देवउठनी के बाद 5 दिसंबर शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में रावत नाच महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कोरोना काल को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग समेत शासन के अन्य गाइड-लाइन का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
 
 1978 में शुरुआत, 85 से आई भव्यता
 
                महापौर रामशरण यादव ने बताया कि वर्ष 1978 में राउत नाच महोत्सव की नींव पूर्व मंत्री स्वर्गीय बीआर यादव के प्रयासों से रखी गयी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित करना था। कार्यक्रम में छोटी-छोटी मंडलियां शामिल हुईं। समय के साथ महोतस्व ने भव्यता का स्वरूप लिया। 1985 से लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के विजेता को रनिंग शील्ड दिया जाता है। हर साल करीब 100 दल महोत्सव का हिस्सा बनते हैं।
 
कोरोना गाईडलाइन पालन करने की अपील
 
           रामशरण ने बताया कि बिलासपुर रावत नाच महोेत्सव का राज्य में अलग पहचान है। पूरे राज्य से यदुवंशियों का दल महोत्सव में शामिल होता है। हर साल की तरह इस साल भी शहर में यह आयोजन होगा। कोरोना काल को देखते हुए सबको शासन की गाइड-लाईन का पालन भी करना होगा।

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