तारामण्डल की हालत खस्ता..भाजपा नेता अमर ने बताया..सरकार और निगम दोनों कंगाल..नया तो दूर..पुराने काम के लिए भी खजाने में पैसा नहीं

बिलासपुर– पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। अमर ने कहा कि सरकार इन दिनों भू-माफियों के इशारे पर काम कर रही है। जबकि निगम पूरी तरह से दिवालिया हो चुका है। इसलिए निगम और राज्य शासन से समय पर योजनाओं का पूरा होने की कल्पना करना केवल बेमानी है। 

         पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि राज्य के साथ निगम सरकार बिना फंड के दिवालिया हो चुकी है। भू माफियाओं के इशारे  पर चलने वाली राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से परिणाममूलक  समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने की अपेक्षा करना अब बेमानी है। जनता अब अपने आप को ठगा महसूस कर रही है।

                    भाजपा नेता ने कहा कि बिलासपुर में  स्मार्ट सिटी की घोषणा के बाद शहर के नियोजित विकास की सुव्यवस्थित तस्वीर और क्रियान्वयन की रूपरेखा पर कार्य आरंभ किया गया था।  लेकिन स्थानीय प्रशासन की लचर और खानापूर्ति  कार्य पद्धति से शहर का विकास पूरी तरह बाधित हो चुका है। राज्य सरकार के पास नगरीय निकायों को देने के लिए पैसा नहीं है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार से मिली राशि से मनमाना खर्च किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग की सड़क पर बिना अनापत्ति और बिना अनुमति स्मार्ट सिटी के फंड से करोड़ों रुपए खर्च कर दिया जाना मनमर्जी का प्रमाण है।

           नई सरकार को बने तीन वर्ष पूरे होने को हैं। नए कार्यो की शुरआत तो दूर.. लंबित कार्यों को पूरा करना और मूलभूत सुविधाओं, सेवाओं को अंजाम तक पहुंचाना स्थानीय प्रशासन स्मार्ट सिटी लिमिटेड और राज्य सरकार लक्ष्य से कोसों दूर है। अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर शहर के लोगों को विशेषकर विद्यार्थियों को ज्ञान विज्ञान और अंतरिक्ष जगत की गतिविधियों से अवगत कराने के उद्देश्य से प्रदेश का पहला तारामंडल कार्य योजना को स्वीकृत कराया गया था । लेकिन तीन साल के बाद भी आज तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ है। सार्वजनिक स्थलों पर आवारा पशुओं के रोका छेका के बजाय जनता के हित में चालू की गई परियोजनाओं पर रोका छेका का करने का काम कांग्रेस सरकार कर रही है। जिसका दुष्परिणाम प्रदेश की जनता को झेलना पड़ रहा है।

 प्रदेश का सबसे बड़ा प्लेनेटोरियम

       अमर अग्रवाल ने बताया कि ज्ञान विज्ञान की गतिविधियों के प्रचार प्रसार के लिए  निर्माणाधीन प्लेनेटोरियम केंद्र अव्यवस्था का शिकार हो चली है। अनुबंध की समय सीमा बीत जाने के बाद भी सिविल वर्क का काम आज भी अधूरा है। परिसर में बनाई गई सीसी रोड  में दरार पड़ने लगी है। ऑक्सी जोन  में लगाए गए पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम नहीं हैं। सौंदर्यीकरण का कार्य अधूरा हैं। प्रस्तावित तालाब का तो पता ही नहीं है।

                    तालाब के सौंदर्यीकरण की बातें केवल कागजो में है। तारामंडल अक्टूबर 2020 में आरंभ हो जाना था। आज भी आधी अधूरी अवस्था में है। विलंब के कारण प्रोजेक्ट की कास्ट बढ़ती जा रही है। प्लेनेटोरियम तक पहुंच मार्ग नहीं बन पाया है। चारों तरफ गंदगी और कचरों ढेर है।  से लोगो में बीमारी फैलने का हमेशा डर है। केंद्र तक पहुंचने में बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या आम है।

                    नागरिकों, पर्यटकों और विद्यार्थियों के लिए  ज्ञान विज्ञान और खगोल भौतिकी के मूलभूत तथ्यो का मनोरंजन के साधन से शिक्षण देने का उद्देश्य लक्ष्य से कोसों दूर दिखाई देता है।  जनता की गाढ़ी कमाई के पैसे की बर्बादी सहज ही देखी जा सकती है।

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