पीड़ित पत्नी और चाचा ने कहा…संजय की मौत में गहरी साजिश…पुलिस कर रही लापरवाही…सीएम से करेंगे उच्चस्तरीय जांच की मांग

बिलासपुर— रायपुर में 26 मार्च को गोलीकाण्ड में आटोडीलर की मौत मामले को परिजनों ने उच्चस्तरीय षड़यन्त्र बताया है। परिजनों ने आज प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि संजय अग्रवाल जब जवान को रूपए लौटाने के लिए तैयार था। शाम को बुलाया था। एक डीलर ने भी कहा कि मामला सरकारी कर्मचारियों का है इसलिए रूपए वापस करना ही बेहतर है। बावजूद इसके संजय अग्रवाल को गोली से निशाना बनाना समझ से परे हैं। प्रेस से संजय अग्रवाल की पत्नी और उसके चाचा कैलाश अग्रवाल ने बताया कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। मोबाइल को जब्त नहीं किया गया है। जबकि हम लोगों ने कई बार मामले को पुलिस के संज्ञान में लाया लेकिन परिणाम कुछ नहीं निकला। अभी तक पूछताछ भी नहीं हुई है।

                                    बताते चलें कि 26 मार्च को रायपुर के न्यूरायपुर थाना अन्तर्गत बिल्हा निवासी संजय अग्रवाल की एक पुलिस जवान ने दुकान में ही गोली चलाकर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पुलिस जवान मनोज सेन ने बताया कि कार का रूपया नहीं लौटाया इसलिए उसने संजय अग्रवाल को आक्रोश में गोली मारा है। आज प्रेस से चर्चा करते हुए संजय अग्रवाल की पत्नी पूजा अग्रवाल और चाचा कैलाश अग्रवाल ने बताया कि संजय की मौत में गहरी साजिश हुई है। इसमें ना केवल पुलिस की लापरवाही बल्कि व्यापारिक षड़यंत्र भी है। यही कारण है कि अभी तक जांच प्रक्रिया को शुरू भी नहीं किया गया है।

                  पत्रकारों से संजय अग्रवाल के चाचा कैलाश अग्रवाल ने बताया कि संजय रायपुर में ही आटोडील का काम करता था। मनोज सेन ने पुरानी कार खरीदा था। कुछ दिनों बाद बिगड़ गया.तो कार को बनवाने के लिए संजय के पास छोड़ा। संजय ने ही गाड़ी को बेचा था। होली की व्यस्तात के कारण कार नहीं बन सकी। मनोज सेन ने रूपए वापस मांगे। संजय ने घटना के दिन रूपए लौटाने के लिए ही मनोज सेन को दुकान बुलाया। लेकिन उसने गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया।

                कैलाश नाथ ने बताया कि घटना के बाद दुकान को पुलिस ने बंद कर दिया। सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किया गया। लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस ने जानबूझकर मोबाइल को जब्त किया। जबकि संजय अग्रवाल ने के पास दो मोबाइल हैं। इस समय दोनों मोबाइल प्रधान के पास हैं। कैलाश नाथ के अनुसार मोबाइल में काल रिकार्डिंग भी है। मनोज घटना के कुछ घंटे पहले दो बार फोन किया। रिकार्डिंग से स्पष्ठ है कि संजय ने मनोज सेन को रूपए देने के लिए शाम को बुलाया था। इसके अलावा मोबाइल में एक अन्य आटोडीर की भी काल रिकार्डिंग है। बातचीत में स्पष्ट सुना सुना जा सकता है। संजय ने आटोडीलर से कहा कि शाम को पैसा लौटा दूंगा। आटोडीलर ने संजय को कहा है कि एसपी आईजी और थानेदार से फोन आया है कि मामला  को शार्ट आउट करो।

  बावजूद इसके आटोडीलर के फोन के 20 मिनट बाद ही मनोज सेने बंदूक लेकर पहुंचा। दुकान के बाहर कांच की दूसरी तरफ से संजय को निशाना बनाया। जिसे मौके पर दुकान के तीन कर्मचारियों ने भी देखा। जबकि तीन अन्य कर्मचारी दौड़ते हुए आए।सभी ने देखा कि मनोज सेन बंदूक लेकर लौट रहा है।

व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा

कैलाश के अनुसार आरोपी मनोज सेन ने घटना के कुछ दिन पहले ही संजय को मारने की धमकी भी दी थी। उसने कहा था कि जिस तरह सीए ने आत्माहत्या कर लिया वही हालत तुम्हारी भी हो सकती है। इससे जाहिर होता है कि संजय के साथ सुपारी कीलिंग हुई है। कोई व्यावसायिक प्रतिस्पर्धी ही संजय की मौत का कारण है। लेकिन पुलिस की गतिविधियों से लगता है कि मामले को रफा दफा किया जा रहा है।

सरकारी गन का उपयोग अपराध

कैळाश के अनुसार आरोपी ने सीएफएफ में पदस्थ साढू भाई के बंदूक का इस्तेमाल किया। सरकारी बंदूक उसे क्यों हासिल हुआ। पुलिस अभी तक इस दिशा में क्या कार्रवाई कर रही है। कुछ समझ में नहीं आ रहा है। ना ही मोबाइल को जब्त कर काल रिकार्डिंग को खंगाला जा रहा है। इससे जाहिर होता है कि किसी को बचाया जा रहा है। सीधा से मतलब है कि दाल में कुछ काला है।

पत्नी ने कहा कुछ नहीं बताया

संजय अग्रवाल की पत्नी पूजा अग्रवाल ने बताया कि हम लोग बैंगलूरू गए थे। रायपुर से किसी का फोन आया। पति ने कहा कि आफिस में कुछ काम है। इसलिए हम लोग बैंगलूरू में रहे। काम निपटाकर आएंगे। घटना के दिन 26 मार्ट को सुबह संजय का फोन आया कि आफिस के लिए निकल रहा हूं। इसके बाद 12 बजकर 15 में फोन आया कि किसी व्यक्ति ने आफिस में घुसकर गोली चलाकर हत्या कर दी है। पत्नी ने सवाल के जवाब में यह भी बताया कि संजय ने किसी भी प्रकार की विवाद को लेकर चर्चा नहीं की थी। बैंगलूरू से किसके फोन पर रायपुर लौटे इसकी जानकारी नहीं है। बेहतर होगा कि पुलिस संजय की दोनों मोबाइल की काल रिकार्डिंग को खंगाले । अपराधी खुद ब खुद सामने आ जाएगा।

पत्रकारों से चर्चा के दौरान परिजनों ने बताया कि क्रिया कर्म के बाद आईजी एसपी और सीएम से मिलेंगे। मामले की जांच करवाने की मांग करेंगे। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार सुरेश केडिया भी मौजूद थे।

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