21 सितंबर तक भारी बारिश का रेड-ऑरेंज अलर्ट जारी, गरज-चमक की चेतावनी

दिल्ली।मौसम विभाग (weather update) के राज्य में भारी बारिश का दौर जारी कर दिया। मध्य के आसपास के राज्यों में निम्न दबाव का क्षेत्र आगे की तरफ बढ़ रहा है। जिससे IMD Alert ने चार-पांच दिन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट (heavy rain) जारी किया गया। इसके अलावा दक्षिण गुजरात उत्तरी दिल्ली में भी बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू होगा। इधर बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल उड़ीसा में भारी बारिश का रेड अलर्ट (red alert)  घोषित किया गया है। अगले 10 दिनों तक इन राज्यों में भारी बारिश का कहर जारी रहेगा। इसके अलावा पहाड़ी राज्य में भी भूस्खलन आदि के साथ ग्रह चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

दरअसल मौसम विभाग ने कहा है की एक बार फिर से मानसून के सक्रियता का असर दिखेगा। मध्य प्रदेश और आसपास के राज्य में निम्न दबाव वाले क्षेत्र के पहुंचने के कारण तेज बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। चार-पांच दिनों तक गुजरात महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा निम्न दबाव का क्षेत्र लो प्रेशर एरिया में कन्वर्ट हो गया। डिप्रेशन ट्रफ बनने की वजह से तीन मौसम प्रणाली एक साथ एक्टिव हुई है जबकि पाकिस्तान की तरफ से देश के अंदर एक अन्य ट्रक रेखा तैयार हो रही है। जिसका असर जल्दी कई राज्यों पर दिखेगा। साथ ही दक्षिण में केरल के तटीय इलाकों पर एक निम्न निर्मित हुआ है। जिसके कारण इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उड़ीसा के कुछ हिस्सों में मंगलवार को मानसून के आगे बढ़ने की गति तेज हुई है। जिसके कारण तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं एक दबाव की तीव्रता से धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल रही है। भारी बारिश का यह क्या है 10 दिनों तक जारी रहेगा। क्षेत्रीय मौसम विभाग भुवनेश्वर ने कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर ने एक बुलेटिन में कहा कि झारसुगुडा, सुंदरगढ़, क्योंझर, मयूरभंज, बालासोर, भद्रक, जाजपुर और केंद्रपाड़ा जैसे कई स्थानों पर अगले दो दिनों में बारिश हो सकती है।

केरल कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी

दक्षिणी राज्य में भी बारिश का कहर जारी रहेगा। दरअसल केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु सहित महाराष्ट्र में एक बार फिर से बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। बता दें कि मानसून केसरी महाराष्ट्र से गोवा तक के टैटू पर विद्यमान है। गोवा के तट पर ऑफ सोल मानसून ट्रफ रेखा मौजूद है। जिसके कारण महाराष्ट्र, गोवा सहित पुणे में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

इसके अलावा मराठवाड़ा दक्षिणी कर्नाटक में भारी बारिश देखने को मिली है। जिसके कारण लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकॉर्ड की जाएगी।

मौसम प्रणाली एक्टिव

  • बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर पश्चिमी मध्य प्रदेश और इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के साथ इसके पड़ोस में स्थित है।
  • इसके लगभग उत्तर-पश्चिम की ओर धीरे-धीरे उत्तरी मध्य की ओर बढ़ने की संभावना है।
  • मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी छोर अपनी सामान्य स्थिति के दक्षिण में चलता है जबकि इसका पूर्वी छोर अपनी सामान्य स्थिति के करीब चलता है।
  • एक ट्रफ रेखा उत्तर पश्चिमी अरब सागर से उत्तरी बांग्लादेश तक जाती है।
  • 18 सितंबर के आसपास उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ बंगाल की उत्तरी खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है।

पर्वतीय राज्यों में आफत की बारिश

आईएमडी के अनुसार 16 सितंबर से उत्तर पश्चिम से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। बंगाल और उसके ऊपर बने बादलों के समूह के कारण इन क्षेत्रों में बारिश देखने को मिलेगी। साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

महाराष्ट्र गोवा में येलो अलर्ट

महाराष्ट्र, गोवा में तापमान में 4 फीसद की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। कई जगह पर स्थिति विपरीत हो गई है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक क्ष्रेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी राज्यों में बारिश का कहर

मध्य उत्तर प्रदेश, गुजरात क्षेत्र के अलावा नागालैंड, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश देखने को मिली है। अगले 24 घंटे में इन क्षेत्रों में भारी बारिश का रेड ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही इन क्षेत्रों में अतिथि व बारिश के साथ भूस्खलन आदि से भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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