सीजी पीएससी पोर्टल की सामने आयी खामी..हेल्पलाइन ठप..अभ्यर्थियों में आक्रोश.कहा..क्या खाक बनेंगे डीसी

बिलासपुर—-सीजीपीएससी पोर्टल में एक बार फिर खामी सामने आयी है। इस बार अभ्यर्थियों में छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग प्रबंधन के प्रति गहरा आक्रोश भी सामने आया है। साथ ही लोगों को चिन्ता भी सताने लगी है कि यदि ऐसा ही रहा तो हम शायद ही परीक्षा दे पाएं। क्योंकि हमारा समय जब खामियों को लेकर शिकायत करने में ही खर्च हो जाएगा। तो क्या खाक डिप्टी कलेक्टर बनेंगे।
 
                     छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा 2020 के लिए भराए जा रहे ऑनलाइन आवेदनों को लेकर एक बार फिर नयी खामी सामने आई है। जानकारी देते चलें कि  सीजीपीएससी प्रबंधन ने राज्य लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा 2020 के लिए 14 दिसंबर को विज्ञापन जारी किया। बताया गया कि 143 पदों के लिए 12 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदक 18 जनवरी तक भरे गए आवेदन में आनलाइन त्रुटि सुधार कर सकता है। इसके लिए आवेदक को न्यूनतम शुल्क चुकाना होगा। रजिस्ट्रेशन में प्राप्त आईडी और पासवर्ड के माध्यम से भरे हुए आवेदन में सुधार कर सही आवेदन किया जा सकेगा।
 
फिर आयी पोर्टल में खराबी
 
        पोर्टल में खामी की वजह से आवेदन प्रक्रिया में 14 से 18 जनवरी तक सुधार के लिए जो विकल्प दिया गया था। वह फार्मुला एक बार फिर गलत साबित हुआ है। अब एक नया पेंच सामने आया है। अनेक विद्यार्थी पंजीयन के पेज में कक्षा दसवीं का रोल नंबर, माता – पिता का नाम,अभ्यर्थियों का नाम ,जन्मतिथि के कालम में सुधार के विकल्प इंटरफेज एक्टिव नही होने से आवेदन में सुधार नही हो रहा है। इस बात को लेकर प्रतियोगियो में आक्रोश और संशय की स्थिति बन गयी है।
 
अभ्यर्थियों की बढ़ गयी चिन्ता
 
          अभ्यर्थियों ने बताया कि यदि आयोग ने अलग से त्रुटि सुधार का अवसर नहीं दिया तो समस्या खड़ी हो जाएगी। क्योंकि जब हम त्रुटि सुधार करते हैं तो नयी त्रुटि सामने आ रही है। इसलिए आयोग को दुबारा आवेदन करने का अवसर देना होगा। जानकारों ने बताया कि  सैकड़ों की संख्या में प्रतियोगी..पोर्टल में आयी खामी के चलते उहापोह की स्थिति में है। आयोग के  बार बार नए प्रयोगों से प्रतियोंगियो को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
 
हेल्पलाइन व्यवस्था भी ठप
 
              प्रतियोगियों ने बताया कि आयोग ने हेल्पलाइन के नंबरों में ठेका कंपनी के कर्मचारी बैठा दिए हैं। जिन्हें पीएससी के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं है। जब हेल्पलाइन पर जानकारी देते हैं तो आपरेटर आयोग से संपर्क करने की सलाह देता हैं। समझ के परे है कि ऐसी हेल्पलाइन का क्या मायने…. जो विद्यार्थियों की फार्म भरने की समस्या को भी दूर ना कर सके।
 
                  जानकारी देते चलें कि कुछ इसी प्रकार आवेदन के प्रथम चरण में  पोर्टल  खामी के कारण आयु सीमा में छूट की पात्रता रखते हुए भी अनेक प्रतियोगी फॉर्म नहीं भर पा रहे थे। आयोग संपर्क किए जाने पर त्रुटि को आननफानन  सुधारा गया।  महीने भर में लोक सेवा आयोग जैसी संस्था के पोर्टल में आवेदन की प्रक्रिया में फिर बड़ी खामी सामने आ गयी है। जिसे लेकर प्रतियोगिता में खासी निराशा है। मामले में आयोग को स्वतः संज्ञान में लेकर त्रुटियों में सुधार करना चाहिए। साथ ही अंतिम तिथि बढ़ानी भी चाहिए।
 
              मामले में सम्पर्क किए जाने पर सीजी पीएससी के  सदस्य सुकृत साव ने बताया कि प्रतियोगियों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू और बेहतर किया जाएगा।
 
एक ही तिथि पर एकाधिक परीक्षा
 
 सीजी लोक सेवा आयोग ने  प्रारंभिक परीक्षा की 14 फरवरी लेने का फैसला किया है। जबकि 14 फरवरी को ही इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टीट्यूट परीक्षा विभिन्न आईआईटी संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर के प्रवेश की परीक्षा है।  नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फैशन टेक्नोलॉजी निफ्ट की भी परीक्षा 14 फरवरी को ही है।  एनटीपीसी फेस थ्री एग्जाम भी 14 फरवरी को होना है। राज्य के अनेक युवा इन परीक्षाओं में बैठने के साथ पीएससी की परीक्षा की भी तैयारी करते हैं। लोक सेवा आयोग का कैलेंडर फिक्स नहीं होने से छात्रों को बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। गेट इंजीनियरिंग परीक्षा के विद्यार्थियों द्वारा प्रारंभिक परीक्षा की तिथि में बदलाव की मांग भी की जा रही है।
 
पीएससी सचिव को जानकारी
 
            पीएससी सचिव जे के धुव और आईटी सेल को पोर्टल में आयी खामियों को बताया गया है।  लेकिन उन्होने खामियों को कब तक दूर कर लिया जाएगा इस बात की जानकारी नहीं दी है। ना ही उन्होने स्पष्ट किया है कि इन खामियों को दूर करने के लिए अवसर दिया जाएगा।

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